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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Odisha Crime News: चलती मोटरसाइकिल पर युवक को नाग ने डसा, अस्पताल पहुंचने से बच गई युवक की जान

By Jagran NewsEdited By: Vinay Kumar Tiwari
Published: Sat, 19 Nov 2022 07:49 PM (IST)

Odisha Crime News सुकान्त जब अपने दाहिने पैर की ओर देखा तो एड़ी से खून निकल रहा था और मोटरसाइकिल ...और पढ़ें

Odisha Crime News: सुकांत मोटरसाइकिल का हैंडल छोड़कर नीचे कूद गया।
Odisha Crime News: सुकांत मोटरसाइकिल का हैंडल छोड़कर नीचे कूद गया।

भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। Odisha Crime News: दिन के करीब 12 बजे होंगे। सुकांत सामंतराय घर पर खाने के लिए मोटरसाइकिल पर सदांगोई, डेलंग, पुरी में एक फर्नीचर की दुकान से निकले। उन्होंने फ्लोरल शॉर्ट और हाफ पैंट पहनी थी। लेकिन सौ मीटर चलने के बाद ऐसा लगा कि दाहिने पैर की एड़ी में उन्हें कुछ काट लिया है।

हालांकि सुकान्त ने उस पर ध्यान नहीं दिया और उसने मोटरसाइकिल चलाना जारी रखा। सौ मीटर और आगे बढ़े तभी उसी जगह पर पुन: उन्हें कांटने जैसी अनुभूति हुई। सुकान्त जब अपने दाहिने पैर की ओर देखा तो एड़ी से खून निकल रहा था और मोटरसाइकिल पर एक नाग फन फैलाकर खड़ा है। सुकांत मोटरसाइकिल का हैंडल छोड़कर नीचे कूद गया। इसके बाद सुकांत और मोटरसाइकिल दोनों नीचे गिर गए। आस-पास के लोग दौड़कर आए और सुकांत को खुले में ले गए।

हालांकि नाग को देखकर किसी ने मोटरसाइकिल नहीं उठाई। सुकांत के चचेरे भाई दिलीप सामंतराय ने सुकांत को दूसरी मोटरसाइकिल पर बिठाया और राजधानी अस्पताल की ओर तेजी से जाने लगे। सुंदरपदा के पास पहुंचने के बाद सुकांत ने कहा कि उन्हें धुंधला-धुंधला दिख रहा है और उसका सिर घूम रहा है, यह सुनते ही दिलीप भी डर गया। उसने सुंदरपदा में एक दुकान के पास अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की, एक ऑटो किराए पर लिया और सुकांत को कैपिटल अस्पताल ले गया।

कैपिटल अस्पताल में सुकांत की हालत देखकर तत्काल इलाज शुरू किया गया। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने सुकांत को पहली खुराक में एंटी-वेनम की 10 शीशी दी। फिलहाल डाक्टरों ने सुकांत को अब खतरे से बाहर बताया है और सुकांत भी अब अच्छा महसूस कर रहे हैं। 

उधर दुसरी तरफ सुकांत की वह मोटरसाइकिल पर नाग वैसे ही पड़ा था। स्थानीय लोगों ने स्नेक हेल्पलाइन के जनरल एडिटर शुभेंदु मल्लिक को फोन कर घटना की जानकारी दी। स्थानीय सर्प हेल्पलाइन के सदस्य सुशांत कुमार बेहरा दोपहर करीब दो बजे सदानगोई गांव पहुंचे, लेकिन सांप का कहीं पता नहीं चला। सैकड़ों लोग मोटरसाइकिल को घेरे हुए थे और लोग कह रहे थे कि नाग यहीं होगा। इसके बाद सुशांत ने सबसे पहले मोटरसाइकिल की सीट खोली कि सांप अंदर कहीं होगा।

उसके बाद दो साइड पैनल और सिलेक्शन कवर भी खोले गए, मगर कुछ नहीं मिला। जब चेन स्प्रोकेट को खोला गया तो उसके अंदर से एक तीन फुट लम्बा नाग निकला। स्नेक हेल्पलाइन के सदस्यों द्वारा 3 फुट लंबे नाग को सावधानी से बचाया गया। सुशांत बेहरा ने कहा कि यह सच है कि मैंने सांप को रेस्क्यू किया, लेकिन जैसे ही सांप की पूंछ जंजीर और लीवर के बीच फंस गई, उसकी आंतें बाहर आ गईं, उसका बचना मुश्किल है।

स्नेक हेल्पलाइन के जनरल एडिटर शुभेंदु मल्लिक ने कहा है कि शायद पहली बार हुआ है कि इस तरह मोटरसाइकिल चलाते समय किसी को नाग ने काटा हो। आसपास के लोगों ने बिना समय गंवाए सुकांत को अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई।