Odisha News: वापस नहीं आ रहे हैं नेपाली छात्र-छात्रा, कहां तक पहुंची हाई लेवल कमेटी की जांच? अब उठ रहे यह सवाल
केआईआईटी विश्वविद्यालय में नेपाली छात्रा की मौत के मामले में नेपाल मानवाधिकार आयोग ने निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की है। आयोग ने भारतीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर नेपाली छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। घटना के बाद से नेपाली छात्रों की वापसी में देरी हो रही है और उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। केआईआईटी विश्व विद्यालय में नेपाली छात्रा की मृत्यु के बाद जिस प्रकार से अव्यवस्था हुई, उसे लेकर अब भारत-नेपाल के बीच संपर्क प्रभावित होने लगा है।
नेपाल के मानवाधिकार आयोग ने एक पत्र लिखकर घटना की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषी को सजा देने और यहां पढ़ने वाले नेपाली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मानवाधिकार आयोग से अनुरोध किया है।
छात्रों की पढ़ाई हो रही बाधित
- वहीं, दूसरी तरफ केआईआईटी विश्व विद्यालय परिसर में सुरक्षा एवं स्थिति में सुधार ना आने से नेपाली छात्र-छात्राओं की कैंपस वापसी में देरी हो रही है और उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।
- इन सबके बीच घटना की जांच के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय जांच कमेटी पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं।
- कांग्रेस ने कहा है कि राज्य सरकार दोषी को सजा दिलाने के लिए नहीं बल्कि दोषी को बचाने के लिए काम कर रही है।
- कांग्रेस ने कहा है कि घटना के 9 दिन बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार आखिर क्यों उचित कार्रवाई नहीं कर रही है।
- कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार नेपाली छात्र-छात्राओं को वापस कैंपस लौटने के लिए जरूरी कदम नहीं उठा रही है।
- मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निजी सचिव तथा सरकार को नियंत्रित करने वाले मनोज साहू की पत्नी वंदिता साहू अंतर्राष्ट्रीय संपर्क विभाग में डिप्टी डायरेक्टर के तौर पर केआईआईटी में काम कर रही हैं।
नेपाल मानवाधिकार आयोग ने क्या कहा?
नेपाल मानवाधिकार आयोग के संयुक्त प्रवक्ता श्यामबाबू काफले द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि केआइआइटी विश्वविद्यालय के छात्रावास से नेपाली छात्रा प्रकृति लाम्सा का शव बरामद होने की त्वरित निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने नेपाली छात्रों के कथित दुर्व्यवहार, पिटाई और छात्रावासों से निकाले जाने के मामले की जांच के लिए भारतीय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को भी पत्र लिखा है।
नेपाल मानवाधिकार आयोग ने नेपाली छात्रों की शिकायत के आधार पर पूरी घटना की जांच के आदेश दिए हैं।आयोग के एक संयुक्त प्रवक्ता ने कहा है कि विश्वविद्यालय में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी।
इसमें आरोप लगाया गया था कि मृत छात्रा प्रकृति के पुराने दोस्त द्वारा उसे बार-बार परेशान किया गया था।लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन छात्रा ने आत्महत्या कर ली। ऐसे में उचित जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
बता दें कि नेपाली छात्रा की मौत के बाद दो देशों के बीच रिश्ते तल्ख होते जा रहे हैं। नेपाल सरकार ने हाल ही में भारत सरकार से इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
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