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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Odisha: ओडिशा में हॉकी विश्वकप में खल रही सितारा होटलों की कमी, महज 16 चला रहे काम, कैसे बढ़ेगा पर्यटन उद्योग

By Sheshnath RaiEdited By: Yashodhan Sharma
Published: Wed, 11 Jan 2023 05:49 PM (IST)

ओडिशा में वैसे तो सालभर पर्यटकों का आवागमन लगा रहता है मगर नए वर्ष के आगमन के साथ ही पर्यटकों ...और पढ़ें

नए वर्ष के आगमन के साथ ही पर्यटकों की संख्या में काफी तेजी से इजाफा होता है।
नए वर्ष के आगमन के साथ ही पर्यटकों की संख्या में काफी तेजी से इजाफा होता है।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर: ओडिशा में वैसे तो सालभर पर्यटकों का आवागमन लगा रहता है, मगर नए वर्ष के आगमन के साथ ही पर्यटकों की संख्या में काफी तेजी से इजाफा होता है। इन पर्यटकों में प्रदेश एवं देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशी पर्यटकों का आगमन भी खूब होता है। गुलाबी ठंड एवं समुद्री लहर से लेकर पहाड़ी क्षेत्र, विश्व प्रसिद्ध चिलिका झील, महाप्रभु जगन्नाथ जी के मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर आदि तमाम जगहों पर नए वर्ष में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। हालांकि, प्रदेश में होटलों की खासकर स्टार होटलों की कमी एवं कई पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था ना होने के कारण उनको परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इसलिए ओडिशा में पर्यटकों का आगमन कम

जानकारी के मुताबिक स्टार होटलों की कमी के कारण राज्य में पर्यटन के विकास में एक प्रमुख समस्या मानी जा रही है। यही कारण है कि प्रमुख राज्यों की तुलना में ओडिशा में पर्यटकों का आगमन कम है। पूरे प्रदेश में मात्र 16 तारका होटल हैं। अन्य राज्यों को देखें तो केरल में 672 सितारा होटल हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। इसके अलावा तमिलनाडु में 116, गुजरात में 107, महाराष्ट्र में 102, राजस्थान में 72, दिल्ली और गोवा में 44 सितारा होटल हैं। पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में 87 और आंध्र प्रदेश में 34 सितारा होटल हैं। लेकिन ओडिशा में केवल 16 सितारा होटल हैं। यही कारण है कि प्रमुख राज्यों की तुलना में ओडिशा में पर्यटकों का आगमन कम है।

यहां उल्लेखनीय है कि राज्य में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन अभी तक इसका समुचित उपयोग नहीं हो पाया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर उचित बुनियादी ढांचे और परिवहन सुविधाओं को ठीक से स्थापित नहीं किया गया है। राज्य के बजट में पिछले तीन वर्षों के लिए पर्यटन विभाग के लिए अधिक धन निर्धारित किया गया है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। इन सबके बावजूद ओडिशा में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन किए जा रहे हैं, जिसके कारण राज्य और देश के बाहर से पर्यटक कुछ हद तक आ रहे हैं।

सिर्फ 2500 पर्यटकों को ही समायोजित किया जा सकता है

हमारा बुनियादी ढांचा उन्हें उचित आतिथ्य प्रदान करने के लिए तैयार नहीं है जितना वे आ रहे हैं। कई पर्यटक, विशेष रूप से विदेशों से, आरामदायक ठहरने के लिए महंगे होटलों की तलाश करते हैं। लेकिन स्टार होटलों की कमी के कारण वे अब ओडिशा आने से मुंह मोड़ रहे हैं। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (हारो) के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्तमान में ओडिशा में केवल 16 सितारा होटल हैं। इसमें कमरों की संख्या 1242 है। यानी हमारे राज्य में एक बार में सिर्फ 2500 पर्यटकों को ही समायोजित करने का इंफ्रास्ट्रक्चर है। इन सितारा होटलों की कमी के कारण प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजन संभव नहीं हो पा रहे हैं। यह अप्रत्यक्ष रूप से राज्य के पर्यटन और आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है।