देश के संसद भवन में स्थापित होगा भगवान जगन्नाथ के रथ का चक्र, ओम बिड़ला ने दी मंजूरी
संसद भवन अब जगन्नाथ महाप्रभु की महिमा से जुड़ेगा। श्रीमंदिर प्रशासन के प्रस्ताव पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने महाप्रभु के रथ के पवित्र लकड़ी के चक्र को संसद भवन में स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद पाढ़ी ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह कदम देश की आस्था और संस्कृति को संसद से जोड़ेगा।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। अब संसद भवन भी जगन्नाथ महाप्रभु की महिमा से जुड़ने जा रहा है। महाप्रभु के तीन रथों में से एक रथ के पवित्र लकड़ी का चक्र संसद भवन में स्थापित किया जाएगा।
श्रीमंदिर प्रशासन के इस प्रस्ताव को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मंजूरी दे दी है। श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद पाढ़ी ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए गहरी कृतज्ञता प्रकट की है।
उन्होंने इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह कदम देश की आस्था और संस्कृति को संसद से जोड़ने वाला है। यहां उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला स्वयं पुरी पहुंचे और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रीजगन्नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किए।
इस दौरान उनके साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से उनका भव्य स्वागत किया गया। श्रीजगन्नाथ मंदिर में प्रवेश से पूर्व ओम बिड़ला ने अरुण स्तंभ और पतित पावन का दर्शन किया।
इसके बाद सात पहाच (सात सीढ़ी) पार कर रत्नसिंहासन पर विराजमान चतुर्धा विग्रहों—श्रीजगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा और सुदर्शन का दर्शन किए।
उन्होंने मंदिर परिसर की परिक्रमा कर मां मंगला, मां विमला और मां महालक्ष्मी का भी आशीर्वाद लिया। दर्शन के उपरांत उन्होंने महाप्रसाद ग्रहण किया और कहा कि श्रीजगन्नाथजी के चरणों में उन्होंने पूरे देश और विश्व की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की है।
इस अवसर पर पुरी सांसद संबित पात्रा, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिग, पंचायती राज मंत्री रवि नारायण नायक और राज्यसभा सांसद शुभाशीष खुन्टिया भी उनके साथ मौजूद थे। संसद भवन में जगन्नाथ रथ का चक्र स्थापित होना न केवल ओडिशा, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव की बात मानी जा रही है।
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