अनुगुल/भुवनेश्वर, संवाद सहयोगी: ओडिशा उच्च न्यायालय ने मंगलवार को अनुगुल के कलेक्टर सिद्धार्थ शंकर स्वाईं के तालचेर खदान क्षेत्र से कोयला ले जाने वाले भारी वाहनों की अप्रतिबंधित आवाजाही की अनुमति देने के आदेश पर रोक लगाने का निर्देश दिया।

अविनाश प्रधान ने दायर की थी जनहित याचिका

गौरतलब है कि स्वाईं द्वारा 9 नवंबर को जारी आदेश में कहा गया था कि परिवहन वाहनों समेत किसी भी वाहन की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। इस पर अविनाश प्रधान ने एक जनहित याचिका में वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरों की गंभीर समस्याओं को उजागर करते हुए आदेश को चुनौती दी थी।

लोगों को को करना पड़ रहा परेशानी का सामना

कोयला ले जाने वाले ट्रकों की आवाजाही के कारण क्षेत्र में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वाईं ने यातायात के मुक्त प्रवाह पर संवैधानिक न्यायालयों के निर्णयों और टिप्पणियों में राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग को नियंत्रित करने वाले विभिन्न कानूनों और विनियमों का हवाला देते हुए आदेश जारी किया था।

कोर्ट ने निर्णय पर जताई हैरानी

मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति एमएस रमन की खंडपीठ ने कहा कि यह अदालत इस बात को जानकर हैरान है कि कोयला ले जाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही के परिणामस्वरूप लोगों को होने वाली कठिनाइयों की परवाह किए बिना इस तरह का व्यापक आदेश कैसे पारित किया जा सकता है।

कोर्ट ने पुनर्विचार करने को कहा

जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, पीठ ने स्वाईं से 9 नवंबर, 2022 के आदेश को स्थगित करने का आदेश पारित करते हुए फिर से विचार करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधियों और क्षेत्र में खदानों के सभी संचालकों की भागीदारी के साथ सुनवाई करने को कहा।

पीठ ने कहा, कोयला ले जाने वाले ट्रकों के रास्ते में ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों को होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में अनुगुल के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी के इनपुट को भी नए आदेश में शामिल किया जाएगा।

Edited By: Mohit Tripathi

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