भुवनेश्‍वर, जागरण संवाददाता/ एजेंसी। Flood Sitution in Odisha: ओडिशा के 10 जिलों के 1,757 गांवों के 4.67 लाख से अधिक लोग राज्य में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति से अब तक प्रभावित हुए हैं।

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक विशेष राहत आयुक्त प्रदीप कुमार जेना ने बताया कि "भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ के कारण, 425 गांवों में 2.5 लाख से अधिक लोग बाढ़ में डूब गए हैं, जबकि 10 जिलों में कुल 4.67 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।"

 वर्तमान समय तक प्रदेश के 12 जिले में बाढ़ का प्रभाव देखने को मिला है। इसमें 64 ब्लॉक के 1757 गांव एवं 10 पौर संस्था के 60 वार्ड शामिल है। कुल प्रभावित लोगों में से 425 गांव के 2 लाख 26 हजार 447 लोग अभी भी पानी के घेरे में है। यह जानकारी विशेष राहत आयुक्त कार्यालय से मिली है।

60,000 से अधिक को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया 

जेना ने आगे बताया कि बुधवार शाम तक, 60,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पानी के घेरे में रहने वाले लोगों को ओड्राफ, एनडीआरफ एवं दमकल वाहिनी के जरिए सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है।

अधिकारी ने कहा, " बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। बाढ़ ग्रस्‍त इलाकों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है और उन्‍हें जरूरत का सामान और खाना मुहैया करवाया जा रहा है। "

बाढ़ से हुआ नुकसान 

158 पशुधन खाद्य केंद्र खोला गया है जहां पशुओं के लिए खाद्य आमंत्रित किया जा रहा है। 57948 लोगों को पका हुआ भोजन दिया जा रहा है‌ आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। उसी तरह से बाढ़ के कारण 1444 घर नष्ट हो गए हैं जबकि 34701 हेक्टर खेती की जमीन प्रभावित हुई है। बाढ़ से सबसे ज्यादा कटक जिला प्रभावित हुआ है। कटक जिले में 171511 लोग प्रभावित हुए हैं।

हीराकुंड जलाशय से 40 फाटकों से छोड़ा जा रहा है पानी

हीराकुंड बांध में बाढ़ के जल स्तर की स्थिति की जानकारी देते हुए श्री जेना ने कहा कि हीराकुंड जलाशय से 40 फाटकों के माध्यम से बाढ़ का पानी छोड़ा जा रहा है और बांध से बाढ़ का पानी कम होकर 5.80 लाख क्यूसेक हो गया है जबकि जबकि 6.69 लाख क्यूसेक पानी बह रहा है।

उन्होंने आगे कहा, "बुधवार की रात बतायी गई थी, क्योंकि चरम बाढ़ कटक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और पुरी जिलों के निचले इलाकों से गुजरेगी और जिसके बाद वीरवार से जल स्तर घटने की संभावना है।"

NDRF और ODRF की टीमें तैनात

श्री जेना ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 11 टीमों, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएफ) की 12 टीमों और ओडिशा अग्निशमन सेवाओं की 52 टीमों को बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है।

इस बीच, राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों से स्कूल भवनों को आश्रय और राहत वितरण के लिए उपलब्ध कराने को कहा है।

6 जगहों पर बांध के टूटने की खबर

राज्य में अभी तक 6 जगहों पर बांध के टूटने की खबर है। 197 जगह पर  दरार आ चुकी है जिसका मरम्मत किया जा रहा है। बाढ़ खत्म होने के 48 घंटे के अंदर नुकसान का आकलन किया जाएगा।

बाढ़ से मुकाबला करने के लिए दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सत्यव्रत साहू को जगतसिंहपुर एवं जी रघु को केंद्रपाड़ा जिले का विशेष दायित्व दिया गया है।

राजस्व एवं आपदा संचालन मंत्री प्रमिला मलिक ने कहा है कि सरकार बाढ़ पर नजर रखे हुए हैं। युद्ध स्तर पर प्रशासन अपना काम कर रहा है। परिस्थिति देखकर विशेष कदम उठाने के लिए सभी जिलों के जिलाधीश को निर्देश जारी कर दिया गया है।

Edited By: Babita Kashyap

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