यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ओडिशा में चंद सेकेंड में लखपति बना मछुआरा, जाल में फंसी यह खास किस्म की मछली; हाथोहाथ मिले लाखों रुपये
Odisha News ओडिशा के पारादीप में बंदरगाह क्षेत्र में मछुआरे को 17 तेलिया मछली मिली। ये मछलियां 18 लाख रुपये ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के पारादीप बंदरगाह क्षेत्र में तेलिया मछली 18 लाख रुपये में बिकी।ओडिशा के पारादीप क्षेत्र के कुछ मछुआरों ने गहरे समुद्र से बड़ी संख्या में इन दुर्लभ तेलिया मछलियों को पकड़ा था।
जाल में फंसी 17 मछलियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पारादीप इलाके के कुछ मछुआरे कल रात समुद्र में गए थे जब बड़ी संख्या में ये दुर्लभ मछलियां मछली पकड़ने वाले जाल में फंस गईं। बाद में इसका वजन तीन क्विंटल से अधिक पाया गया। कुल 17 मछलियां पकड़ी गईं।
विश्वसनीय रिपोर्टों में कहा गया है कि मछुआरे बाद में इसे नीलामी क्षेत्र में ले गए और इन 17 मछलियों को 18 लाख रुपये की कीमत पर नीलाम कर दिया गया। पारादीप में तेलिया मछली के लिए कई खरीदार थे और इस तरह इसे नीलाम कर दिया गया। एक कंपनी ने इन मछलियों को 18 लाख रुपये में खरीदा।

इस वजह से है मछली की अधिक डिमांड
दुर्लभ तेलिया मछली की आंतों को उच्च कीमतों पर बेचा जाता है क्योंकि इसका उपयोग दवाओं के निर्माण के लिए किया जाता है। तेलिया मछली में काफी मात्रा में मावे होता है, जिससे ड्रग्स बनाए जाते हैं जिन्हें विदेशों में भी बेचा जा सकता है।मछुआरों के अनुसार तेलिया मछली का इतना विशाल ढेर बहुत दुर्लभ है और जो मछुआरे इन मछलियों को पकड़ते हैं, वे सिर्फ एक मछली से अमीर बन जाते हैं।
तेलिया मछली के स्वास्थ्य लाभ
तेलिया मछली में ओमेगा तीन पालीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जो सूजन को कम करती है और हृदय रोग, कैंसर तथा गठिया के खतरे को संभावित रूप से कम करती है।
तेलिया मछली में प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।यही कारण है कि जब मछुआरों के जाल में यह मछली फंसती है तो फिर दवा बनाने वाली कंपनियां इसकी बोली लगाकर खरीद लेती हैं।
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