राष्ट्रपति बनने के बाद तीसरी बार ओडिशा आ रही हैं द्रौपदी मुर्मू, इस बार जा सकती हैं अपने गांव
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के तीसरे दौरे पर आने वाली हैं। माना जा रहा है कि इस बार वह अपने गांव में भी जाएंगी। वह महाराजा श्रीराम चंद्र भांजा देव विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगी।

संतोष कुमार पांडेय, अनुगुल। रामयूरभंज के बारीपदा आने वाली हैं। वह महाराजा श्रीराम चंद्र भांजा देव विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगी। यात्रा की पुष्टि भारत के राष्ट्रपति के निजी सचिव ने गुरुवार को की। सचिव ने विश्वविद्यालय के कुलपति को लिखा कि 9 मई, 2023 को बारीपदा, मयूरभंज में महाराजा श्रीराम चंद्र भांजा देव विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में शामिल होकर राष्ट्रपति खुश होंगी।
राष्ट्रपति मुर्मू का ओडिशा का यह तीसरा दौरा
यहां यह उल्लेख करना उचित होगा कि राष्ट्रपति मुर्मू की यह तीसरी ओडिशा यात्रा होने के साथ यह उनका अपने गृह जिले मयूरभंज का पहला दौरा होगा। राष्ट्रपति मुर्मू ने हाल ही में 10 फरवरी को ओडिशा का दौरा किया था।
अपनी दो दिवसीय यात्रा पर उन्होंने भुवनेश्वर में राम देवी महिला विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों और संकाय सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने भुवनेश्वर में भगवान लिंगराज मंदिर का भी दौरा किया और कटक में राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान में दूसरी भारतीय चावल कांग्रेस का उद्घाटन किया।
इस बार अपने गांव जा सकती हैं राष्ट्रपति
इस बार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपने गांव जाने की भी संभावना है क्योंकि उनके गृह नगर में लोगों के बीच जहां राष्ट्रपति के आने को लेकर खुशी का माहौल है। वहीं, उनके गांव के लोग भी उनके स्वागत की तैयारियों के लिए अभी से आपस मे सलाह मशविरा कर रहे हैं।
राष्ट्रपति बनने के बाद पुरी में श्रीमंदिर के दर्शन के लिए आई थीं
गौरतलब है कि भारत की राष्ट्रपति बनने के बाद द्रौपदी मुर्मू ने 10 नवंबर, 2022 को 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी में तीन देवताओं की पूजा करने के लिए दो किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा के साथ ओडिशा की अपनी पहली यात्रा की थी। उसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसी साल दस फरवरी को अपने गृह राज्य का दो दिवसीय दूसरा दौरा किया था।
उन्होंने उस दौरान भुवनेश्वर में लिंगराज मंदिर का दौरा किया और भगवान के दर्शन किए। लिंगराज मंदिर जाने के बाद राष्ट्रपति कटक के लिए रवाना हुईं, जहां उन्होंने राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (एनआरआरआई) में दूसरी भारतीय चावल कांग्रेस का उद्घाटन किया था।
पहले के दो दौरे में नहीं जा पाईं गांव
अपनी यात्रा के दौरान पहले दिन राष्ट्रपति ने मुख्य अतिथि के रूप में ज्ञानप्रभा मिशन के स्थापना दिवस की शोभा बढ़ाई तथा विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह के अवसर पर भुवनेश्वर में अपने अल्मा मेटर, रामादेवी महिला विश्वविद्यालय का भी दौरा किया।
इसके बाद राष्ट्रपति ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राजभवन में 1,000 क्षमता वाले अत्याधुनिक अभिषेक हॉल का उद्घाटन किया था। राष्ट्रपति अपने गृह राज्य का दो बार दौरा करने के बावजूद अपने गांव नही पहुंच पाईं थी।

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