भुवनेश्वर, जेएनएन। ओडिशा से धर्मेंद्र प्रधान ने वीरवार को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली है। धर्मेंद्र प्रधान चुनावी राजनीति में भले ज्यादा कामयाब नहीं रहे, लेकिन भाजपा के भीतर वो लगातार मजबूत होते रहे। उन्हें ओडिशा, बिहार व कर्नाटक का प्रभारी बनाया गया। 2010 में उन्हें भाजपा का महासचिव बनाया गया। इसके दो साल बाद ही उन्हें बिहार से राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया। पार्टी संगठन के कामों में धर्मेंद्र प्रधान ने हर बार अपनी उपयोगिता साबित की। 2014 के लोकसभा चुनाव में बिहार में मिली कामयाबी का श्रेय धर्मेंद्र प्रधान की कुशल रणनीति को मिला। इसके साथ ही उनकी मोदी सरकार में एंट्री हो गई।

सितंबर 2017 में मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल हुआ। धर्मेंद्र प्रधान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री बनाए गए। इसके साथ ही उन्हें स्किल डेवलेपमेंट मिनिस्ट्री का अतिरिक्त प्रभार भी मिला।

धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1983 में अभाविप से जुड़कर की थी। 2000 में वो पहली बार चुनावी राजनीति में उतरे। ओडिशा के पल्लहारा विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर विधायक चुने गए। विधानसभा चुनाव में धर्मेंद्र प्रधान की ये पहली और आखिरी जीत थी। इसके बाद 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपने पिता की सीट से किस्मत आजमाई। ओडिशा के देवगढ़ संसदीय सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते। 1998 और 1999 के चुनाव में इस सीट से धर्मेंद्र प्रधान के पिता देबेंद्र प्रधान सांसद चुने गए थे। वह अटल जी की सरकार में राज्यमंत्री का पद संभाल चुके थे। देबेंद्र प्रधान ने अपने बेटे के लिए सीट खाली कर दी थी। 2009 के विधानसभा चुनाव में धर्मेंद्र प्रधान पल्लहारा सीट से एक बार फिर खड़े हुए। लेकिन इस बार उन्हें हार मिली। इसके बाद धर्मेंद्र प्रधान चुनावी राजनीति में नहीं उतरे। 2012 में भाजपा ने उन्हें बिहार से राज्यसभा भेजा। 2018 में उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया।

उज्ज्वला योजना का है अहम योगदान
2014 की मोदी सरकार में पेट्रोलियम मंत्रालय का प्रभार संभालते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना को कामयाब बनाया था। इसी के तहत देश के गरीब परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन दिए गए। भाजपा इस योजना की कामयाबी को जनता के बीच ले जाकर चुनावों में उतरी। मोदी सरकार की वापसी में इस योजना की अहम भूमिका रही है। धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा का प्रभारी रहते हुए पार्टी को राज्य में बढ़त दिलाई। ओडिशा में पार्टी के विस्तार में मदद की वजह से धर्मेंद्र प्रधान का कद बढ़ा है।। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी की दूसरी पारी में भी मंत्रीमंडल में स्थान मिलना लगभग तय है। 

 

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