विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Water Crisis: पानी की समस्या नहीं होगी दूर... तो होगा चुनाव का बहिष्कार, गंजाम के नाराज ग्रामीण ने दी धमकी

Published: Sat, 06 Apr 2024 02:32 PM (IST)

ओडिशा के गंजाम के भंजनगर प्रखंड अंतर्गत डांगुआपल्ली के ग्रामीणों ने पानी की समस्या को लेकर नाराजगी जाहिर की है। ...और पढ़ें

पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। Ganjam Water Crisis: ओडिशा में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के चुनावी जिले गंजाम के भंजनगर प्रखंड अंतर्गत डांगुआपल्ली के ग्रामीणों ने पानी की समस्या को लेकर नाराजगी जाहिर की है।

गांव में पेयजल की व्यवस्था ना होने से उन्हें उन्हें मीलों दूर कुएं से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में नाराज ग्रामीणों ने आगामी 2024 के आम चुनाव का बहिष्कार करने की धमकी दी है।

ग्रामीण बोले सौर जल योजना 5 वर्षों से पड़ी है बंद

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक सौर जल आपूर्ति परियोजना है, लेकिन यह पिछले पांच वर्षों से निष्क्रिय पड़ी है। क्षेत्र में एक बोर्ड भी लगाया गया है जिसमें कहा गया है कि जल की आपूर्ति बसुधा योजना के माध्यम से की जा रही है। हालांकि, निवासी गंभीर जल समस्या से जूझ रहे हैं।

क्षेत्र में किसी भी प्रकार की पेयजल सुविधा ना होने से गांव की महिलाओं को गांव से मीलों दूर स्थित कुएं से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।गांव में ट्यूबवेल का लोहे से भरा पानी उपयोग करने योग्य स्थिति में नहीं है।

ग्रमीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की धमकी

ऐसे में ग्रामीणों ने जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान नहीं होने पर मतदान प्रक्रिया का बहिष्कार करने की धमकी दी है। ग्रामीणों ने कहा है कि अगर गांव में पेयजल का मुद्दा नहीं सुलझा तो हमारे ग्रामीणों ने आगामी चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करने का फैसला किया है।

हम पिछले सात वर्षों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं और पानी लाने के लिए मीलों दूर जाने को मजबूर हैं। ग्रामीण मंजुला नायक ने कहा है कि हमारे गांव में ट्यूबवेल है मगर किसी काम का नहीं है। गांव में पीने के पानी का कोई स्रोत नहीं है।

गर्मी तके मौसम में सूख जाते हैं कुएं और तालाब

गांव के कुएं और तालाब गर्मियों में सूख जाते हैं और इस अवधि के दौरान हमें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। राजनीतिक नेता केवल चुनाव के समय उनके क्षेत्र का दौरा करते हैं और कई झूठे वादे करते हैं। हालांकि, चुनाव खत्म होते ही वे अपने सभी वादों को भूल जाते हैं।

लोग दूषित पानी के उपयोग से हो रहे हैं बीमार

यहां तक कि हमारे क्षेत्र के लोग तालाबों और कुओं से दूषित पानी का उपयोग करके कई प्रकार की बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं। हमने प्रशासन से हमारे क्षेत्र में उचित पेयजल सुविधाएं प्रदान करने का अनुरोध किया है,

लेकिन हमारी दलीलों को अनसुना कर दिया गया है।अब, हमारे पास आगामी चुनाव का बहिष्कार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।ग्रामीणों के आरोपों को लेकर जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों की टिप्पणी नहीं मिल सकी है।

ये भी पढे़ं-

Odisha News: जमानत के बावजूद जेल से 33 कैदी नहीं हुए रिहा, हाई कोर्ट ने राज्य कानून सेवा प्राधिकरण को दिया ये निर्देश

Odisha Heatwave: भुवनेश्वर में पारा 43 के पार... कई जिलों में लू की चेतावनी, 11 से 3 बजे तक काम नहीं करेंगे श्रमिक