यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
JIO टावर लगाने को लेकर विवाद, कार्यपालक अधिकारी के ऊपर नगर परिषद अध्यक्ष ने फेंकी फाइल
जाजपुर जिले के व्यासनगर परिषद में जियो टावर लगाने को लेकर हुए विवाद में एक मीटिंग के दौरान जाजपुर पौर ...और पढ़ें

भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। मीटिंग के दौरान कार्यपालक अधिकारी के ऊपर फाइल फेंकने के साथ ही अभद्र व्यवहार करने का आरोप जाजपुर पौर अध्यक्ष पर लगा है। इस संबंध में एक वीडियो इंटरनेट मीडिया में वायरल होने के बाद इसे लेकर अब चर्चा हो रही है। हालांकि पौर अध्यक्ष ने फाइल फेंकने की घटना को अस्वीकार कर दिया है। यह घटना जाजपुर जिले के व्यासनगर परिषद में देखने को मिली है। यह घटना जियो टावर लगाने को लेकर हुई है।
टावर के निर्माण का विरोध
व्यासनगर शहर के वार्ड नंबर 8 में जियो टावर लगाने के लिए नगर अधिकारी से अनुमति मांगी थी। नगर परिषद द्वारा जांच के बाद कार्यकारी अधिकारी अशोक राउत ने अनुमति देने के साथ ही वार्ड नंबर 8 के पार्षद अशोक दास ने भी आवेदन पर हस्ताक्षर किए। बाद में वार्ड के कुछ अन्य निवासियों ने टावर के निर्माण का विरोध किया और महापौर के दरवाजे पर चले गए। इस संबंध में नगर परिषद अध्यक्ष संगीता पिंगुआ ने कार्यपालक पदाधिकारी से घटना के बारे में पूछा। इसके बाद सबके सामने अभद्र व्यवहार करने के साथ ही उनके ऊपर फाइल फेंक दी।
आक्रामक रूप से मेरे ऊपर फेंकी फाइल
इसका वीडियो वायरल होने के बाद कार्यपालक अधिकारी अशोक राउत ने कहा, नीलाचल कालोनी में जियो टावर के लिए अनुमति मांगी गई थी। नेटवर्क समस्या होने से हमने इसकी अनुमति दी। हालांकि उक्त कालोनी के कुछ लोग इसका विरोध कर नगर परिषद अध्यक्ष से मुलाकात कर शिकायत की। इस संदर्भ में उन्होंने मुझसे पूछा। इस संदर्भ में उत्तर दे ही रहा था कि नगर परिषद अध्यक्ष ने सबके सामने आक्रामक रूप से मेरे ऊपर फाइल फेंक दी। हालांकि सरकार के एक अनुशासित कर्मचारी होने के चलते मैं चुप रहा।
टावर लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
इसके विपरीत, नगर परिषद अध्यक्ष संगीता पिंगुआ ने अपनी सफाई में कहा है कि यह एक निजी चर्चा थी। विवाद टावर लगाने को लेकर शुरू हुआ। अधिकारी ने कहा है कि उन्होंनेफील्ड में जाकर कार्य को बंद करा दिया था। हालांकि पुन: स्थानीय लोगों ने आकर कार्यालय का घेराव कर शिकायत की कि कार्यपालक पदाधिकारी ने एनओसी दे दी है। इस मामले में कार्यपालक अधिकारी से नाराज होकर मैंने ऐसा किया। इसके बाद मैने कार्यपालक अधिकारी को फाइल दुरुस्त कर लाने को कहा। इसे अलग करके नहीं लेना चाहिए।
गौरतलब है कि एक तरफ यह विवाद तेज हो रहा है तो वहीं दुसरी तरफ बताया गया है कि कार्यपालक अधिकारी की खंडपड़ा बदली कर दी गई है।
