भुवनेश्वर में 4 घंटे के अंतराल में 2 शव बरामद, पुलिस के मन में उठे तीन सवाल- खुदकुशी, दुुर्घटना या हत्या?
भुवनेश्वर में एक ही पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले दो अलग-अलग इलाकों से दो शवों की बरामदगी ने पुलिस को हैरानी में डाल दिया है। इसकी जांच अभी जारी है। हैरत की बात यह भी है कि दोनों भुवनेश्वर के रहने वाले नहीं हैं।
जासं, भुवनेश्वर। चार घंटे के अंतराल में एक पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्र से दो संदिग्ध शवों की बरामदगी ने खारवेलनगर पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। एक शव थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर सड़क के बीचोबीच खून से लथपथ मिला, जबकि दूसरा शव 300 मीटर दूर यूनिट-3 के ठाकरबापा छात्रावास से बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए कैपिटल अस्पताल भेज दिया है और अप्राकृतिक मौत के दो मामले दर्ज किए हैं, लेकिन जिस जगह से शवों की बरामदगी हुई है वहां के आसपास के माहौल ने कई रहस्यों को जन्म दिया है।
दोनों मृतक भुवनेश्वर के निवासी नहीं
ये दोनों अप्राकृतिक मौतें आत्महत्या या दुर्घटना या नियोजित हत्याएं हो सकती हैं और पुलिस को इसी बात की फिक्र है। शुरुआती जांच से पुलिस अब तक सकते में है। पुलिस ने पाया कि मृतक भुवनेश्वर के रहने वाले नहीं हैं। एक नौकरी की आस में एक सप्ताह पहले भुवनेश्वर आया था, जबकि दूसरा तीन दिन पहले रायगढ़ से लापता हुआ था। मृतकों की पहचान पुरी जिले के बलंगा इलाके के अशोक कुमार दास (26) और झारखंड के लोहरदगा के मनोज यादव (30) के रूप में हुई है।
बीच सड़क पर खून से लथपथ शव
पुलिस ने देर रात करीब दो बजे ठाकरबापा छात्रावास से अशोक का सड़ा-गला शव बरामद किया। पुलिस जांच में पता चला कि अशोक एक सप्ताह पहले ही राजधानी आया था और एक निजी फर्म में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहा था।
हॉस्टल के प्रभारी ने अपने किसी रिश्तेदार के यहां उसे एक तीन मंजिला मकान में एक कमरा रहने के लिए दिलाया था, लेकिन इस बीच तीन दिन से हॉस्टल के बाहर उसे किसी ने नहीं देखा। शनिवार देर रात करीब एक बजे शख्स ने कमरे से कुछ तरल पदार्थ निकलते हुए देखा, तो बदबू से उसकी नाक फट गई। दरवाजा दरवाजा तोड़ने पर अशोक का शव पंखे से लटकते हुए पाया गया।
मामले की जांच जारी
खारवेलनगर पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को सील कर दिया। वैज्ञानिक टीम सुबह करीब 10 बजे मौके पर पहुंची और विभिन्न पहलुओं की जांच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। माना जा रहा है कि तीन दिन पहले ही उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने सहायक अधीक्षक लक्ष्मीनारायण पात्रा की शिकायत के आधार पर अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है।
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