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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कटक में जिंदा व्यक्ति को अजगर निगलने की घटना पर रहस्य बरकरार: खाली हाथ लौटी पुलिस व वन विभाग टीम

By Babita KashyapEdited By:
Published: Thu, 08 Sep 2022 10:56 AM (IST)

ओडिशा के कटक में नंदकिशोर बेहरा के लापता होने का मामला उलझता जा रहा है। नंदकिशोर अजगर के पेट में ...और पढ़ें

नंदकिशोर बेहरा के लापता होने का मामला दिन ब दिन उलझता जा रहा है
नंदकिशोर बेहरा के लापता होने का मामला दिन ब दिन उलझता जा रहा है

भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। फेरी कारोबारी नंदकिशोर बेहरा के लापता होने का मामला दिन-ब-दिन उलझता जा रहा है। एक तरफ जहां लापता नंदकिशोर अजगर के पेट में है या नहीं, इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई है, वहीं अजगर द्वारा निगला गया खाना उसके पेट में धीरे-धीरे पच रहा है।

उसके बाद, अजगर उस जगह को छोड़ सकता है। ऐसे में अजगर के चले जाने के बाद अजगर से जुड़ी जांच भी और नहीं हो पाएगी। उधर, विभिन्न तबकों से मांग व दबाव के बाद पुलिस व वन विभाग की संयुक्त टीम ने आज जंगल में नंदकिशोर की तलाश शुरू कर दी।

जांच टीम के साथ परिवार का एक ही सदस्य को जाने की अनुमति थी मगर डर के मारे कोई नहीं गया। वहीं जांच करने पहुंची पुलिस और वन विभाग को खाली हाथ लौटना पड़ा है।

6-7 घंटों तक तलाशती रही पुलिस

मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग व पुलिस ने दमपाड़ा-चंदका अभयारण्य जंगल, विभिन्न गांवों, तालाबों व अन्य स्थानों पर 6-7 घंटे तक तलाशी ली। पुलिस ने कहा कि उन्हें अजगर के बारे में कोई जानकारी नहीं है और उन्होंने आज सांप को नहीं देखा है।

हालांकि, गांव से 4/5 लोग नंद किशोर की तलाश में पुलिस-वान विभाग की टीम के साथ जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया और केवल परिवार के एक व्यक्ति को साथ जाने की अनुमति दी थी।

असमंजस में हैं लोग

ऐसे में नंद किशोर के बेटे रामचंद्र ने कहा कि डर के मारे अकेले कोई भी जाने को तैयार नहीं हुआ। रामचंद्र ने कहा कि उनके दादा के लापता होने की घटना के बाद से ही सब लोग डरे हुए हैं, ऐसे में अकेले जाने से डरते थे।

11 दिनों से हम लोग असमंजस में हैं कि आखिर नंदकिशोर के साथ क्या हुआ है। रामचंद्र ने कहा कि मानसिक परेशानी बढ़ रही है।

भुइंया भूत की चर्चा

वहीं दूसरी ओर इलाके में अब भुइंया भूत की चर्चा ने अजीबोगरीब स्थिति पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि घटना के शुरुआती दौर में पुलिस और वन विभाग ने जांच में उतनी तत्परता नहीं दिखाई, जितनी होनी चाहिए थी। ऐसे में अब यह घटना दिन प्रतिदिन और रहस्यमय होती जा रही है।

उल्लेखनीय है कि कटक जिले के मुंडली पंचायत के थोरियापटना साहिर निवासी 77 वर्षीय नंदकिशोर 28 अगस्त को व्यापार के सिलसिले में घर से निकला था और फिर नहीं लौटा। परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि नंदकिशोर को अजगर निगल गया है जबकि वन विभाग एवं पुलिस इस आरोप को मानने के लिए तैयार नहीं है।

राजनीतिक एवं लोगों के दबाव के बाद पुलिस एवं वन विभाग ने छानबीन शुरू किया है, जंगल में सर्च आपरेशन चलाया मगर कहीं भी नंदकिशोर का पता नहीं चला है और टीम खाली हाथ वापस लौट आयी है।