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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नक्सल विरोधी अभियान में मदद बढ़ाएगी वायुसेना

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Published: Thu, 30 May 2013 01:48 AM (IST)Updated: Thu, 30 May 2013 01:49 AM (IST)

वायुसेना ने नक्सल प्रभावित इलाकों में अर्धसैनिक बलों के अभियान की मदद में अतिरिक्त हेलीकॉप्टर मुहैया कराने का फैसला किया ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। वायुसेना ने नक्सल प्रभावित इलाकों में अर्धसैनिक बलों के अभियान की मदद में अतिरिक्त हेलीकॉप्टर मुहैया कराने का फैसला किया है। अगले माह से नागपुर में वायुसेना के उन्नत एमआइ-17 वी5 हेलीकॉप्टर की नई यूनिट काम करने लगेगी जो खासतौर पर छत्ताीसगढ़ के जगदलपुर इलाके में अभियानों के दौरान राहत व रसद आपूर्ति में मदद करेगी। वायुसेना इस क्षेत्र में कुछ उन्नत निगरानी उपकरणों की तैनाती की तैयारी भी कर रही है।

जगदलपुर में कांग्रेसी नेताओं पर हुए हमले के बाद सैन्य मदद बढ़ाए जाने के बारे में पूछे जाने पर तीनों सेना प्रमुखों की समिति के अध्यक्ष वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल एनएके ब्राउन ने कहा, 'नक्सली समस्या के समाधान में तकनीक ही कारगर उपाय है।' उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित जिलों में घने जंगल वाले इलाकों की निगरानी के लिए कई उन्नत उपकरण मुहैया कराने की भी तैयारी है। उन्होंने हालांकि रणनीतिक गोपनीयता का हवाला देते हुए निगरानी उपकरणों पर अधिक जानकारी देने से इन्कार कर दिया।

वायुसेना, अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस के नक्सल विरोधी अभियानों में भी अपनी हवाई मदद बढ़ाने जा रही है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के एक कार्यक्रम के बाद बुधवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में ब्राउन ने बताया कि वर्तमान में वायुसेना के छह हेलीकॉप्टर सहायता के लिए तैनात हैं। लेकिन, अगले माह से इस काम के लिए वायुसेना के नागपुर बेस में एमआइ-17वी5 हेलीकॉप्टर यूनिट भी उपलब्ध होगी जिसके पास 12 हेलीकॉप्टर होंगे।

वायुसेना प्रमुख के अनुसार नई यूनिट खास तौर पर जगदलपुर इलाके में नक्सल विरोधी अभियानों की जरूरतों को पूरा करेगी। यह इलाका नक्सली गतिविधियों का गढ़ है। वायुसेना का गोरखपुर स्थित स्टेशन फिलहाल रांची, रायपुर व जगदलपुर के इलाकों में नक्सल विरोधी अभियानों को मदद मुहैया कराता है। ऐसे में दूरी के कारण कई बार हेलीकॉप्टर पहुंचने में देरी भी होती है।

ब्राउन ने स्पष्ट किया कि नक्सल विरोधी अभियान में वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की उपलब्धता तो बढ़ेगी लेकिन अभियान में उनकी भूमिका और तैनाती के प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी वायुसेना के हेलीकॉप्टर केवल राहत एवं बचाव कार्यो और रसद आपूर्ति के लिए उपलब्ध होंगे। बहरहाल, नागपुर में तैनात हो रहे हेलीकॉप्टरों के सहारे सुरक्षा बलों को रात के अभियानों में भी मदद मिल सकेगी। बीते शनिवार को कांग्रेसी नेताओं के काफिले पर हमले के बाद वायुसेना ने राहत एवं बचाव कार्य रात में ही शुरू कर दिया था।

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