ताइपे। ताइवान में शनिवार को हुए ऐतिहासिक चुनाव में विपक्षी दल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी की उम्मीदवार साइ इंग वेन विजय रहीं। ताइवान की स्वतंत्रता की पैरोकार वेन द्विपीय देश की राष्ट्रपति चुनी जाने वाली पहली महिला हैं। 20 जनवरी को वे शपथ ले सकती हैं।

उनकी जीत के साथ ही चीन के साथ नजदीकी रिश्तों की पैरोकार क्वामिनतांग पार्टी (केएमटी) के आठ साल के शासन का अंत हो गया है। वेन को साठ और केएमटी के उम्मीदवार एरिक चू को 30 फीसद वोट मिले हैं। चू ने पराजय के लिए समर्थकों से माफी मांगी है। ताइवान के इतिहास में ज्यादातर केएमटी का शासन रहा है।

डेमोक्रेटिक पार्टी को दूसरी बार सफलता मिली है। ताइवान की अर्थव्यवस्था और चीन के साथ उसके संबंधों ने वेन की जीत में मुख्य भूमिका अदा की है। चीन के साथ किए गए व्यापारिक समझौते ताइवानियों को फायदा पहुंचाने में असफल रहे हैं और इससे लोग परेशान थे।

गौरतलब है कि 1949 में चीनी गृह युद्ध के बाद से ताइवान की अपनी सरकार है। लेकिन, चीन उसे अपना एक अलग हुआ हिस्सा मानता है जिसे एक दिन चीन के साथ मिलना है। निवर्तमान राष्ट्रपति मा ईग चेओ और शी चिनफिंग के बीच पिछले साल नवंबर में सिंगापुर में मुलाकात भी हुई थी। दोनों देशों के राष्ट्र प्रमुखों के बीच यह पहली मुलाकात थी।

पश्चिम में पढ़ीं वेन

चीन के प्रति एहतियाती रुख रखने वाली साइ इंग वेन 31 अगस्त 1956 को पैदा हुई। उनके पिता की चार पत्नी थी। 11 भाई-बहनों में वे सबसे छोटी हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले वे प्राध्यापक थीं। 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में भी वे डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार थी। पर उन्हें 45 फीसद वोट ही मिले और चेओ से पराजय का सामना करना पड़ा था।

पढ़े : ताइवान में सूक्ष्म जीवों पर रिसर्च कर रहे बरेली के राकेश

Posted By: Manish Negi