बर्लिन। सोशल मीडिया पर चैटिंग के लिए हर दिन नए इमोजी बनाने का ट्रेंड नया नहीं है। चैटिंग को मनोरंजक बनाने में अक्सर लोग इमोजी का इस्तेमाल करते हैं। अब जर्मनी में रहने वाली सऊदी अरब मूल की एक 15 वर्षीय किशोरी ने 'हिजाब इमोजी' बनाने का प्रस्ताव रखा है। इस किशोरी का नाम रेउफ अल्हुमेंधी है, जिसने अपना प्रस्ताव नए इमोजी बनाने वाली एक गैर सरकारी संस्था 'द यूनिकोड कॉन्सोर्टियम' को भेजा है।

अल्हुमेंधी ने अपने प्रस्ताव में मुस्लिम पुरुषों के द्वारा पहने जाने वाली 'कैफी' की भी इमोजी बनाने का प्रस्ताव दिया है। अल्हुमेंधी का कहना है कि वह जब भी अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर चैटिंग करती है, तो महसूस करती है कि महिलाओं के हिजाब को दर्शाने वाली कोई भी इमोजी मौजूद नहीं है, जिससे अपनी भावनाओं का दर्शाया जा सके।

पढ़ेंः मुस्लिमों को सबसे अधिक नापसंद करते हैं अमेरिकी

एक तरफ जहां मुस्लिम महिलाओं के पहनावे को लेकर विश्व के कई देशों में बहस छिड़ी हुई है। फ्रांस में तो आतंकी संगठन आईएस के बढ़ते खतरे को देखते हुए बुर्कीनी पर बैन लगा दिया गया था, लेकिन बढ़ते विरोध के चलते इसे फिर हटा दिया गया। ऐसे में सोशल मीडिया पर चैटिंग के लिए हिजाब वाली इमोजी बनाने का प्रस्ताव भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

आज के डिजिटल युग में इमोजी, कम्युनिकेशन का एक मजबूत जरिया बनकर उभरा है। अल्हुमेंधी ने अपने सात पेज के प्रस्ताव में लिखा है कि यह इमोजी बहुत प्रभावशाली साबित हो सकती है, जो लाखों लोगों को अपनी भावनओं को जाहिर करने में मदद कर सकती है। अल्हुमेंधी का कहना है कि एक अनुमान के मुताबिक पूरी दुनिया में करीब 55 करोड़ महिलाएं हिजाब पहनती है।

पढ़ेंः खोया हुआ पर्स ईमानदार व्यक्ति ने डाक की मदद से वापस दिलवाया

By Sanjeev Tiwari