राजेंद्र सिंह को मिला जल क्षेत्र का नोबेल
जल पुरुष राजेंद्र सिंह को विश्व जल संरक्षण दिवस की पूर्व संध्या पर स्टॉकहोम वाटर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस सम्मान को जल क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार के तौर पर देखा जाता है। उन्हें इस सम्मान से ग्रामीण भारत में जल संरक्षा में सुधार के लिए अथक प्रयासों के
स्टॉकहोम। जल पुरुष राजेंद्र सिंह को विश्व जल संरक्षण दिवस की पूर्व संध्या पर स्टॉकहोम वाटर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस सम्मान को जल क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार के तौर पर देखा जाता है। उन्हें इस सम्मान से ग्रामीण भारत में जल संरक्षा में सुधार के लिए अथक प्रयासों के लिए दिया गया। जरूरतमंद लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए राजेंद्र सिंह ने साहस व दृढ़ता का परिचय दिया।
पुरस्कार मिलने की सूचना पर सिंह ने कहा कि यह बहुत ही मनोबल बढ़ाने व प्रेरित करने वाली खबर है। हालांकि भारत में अभी भी वर्षा जल का संचय भाग्य भरोसे है। राजेंद्र सिंह के संबंध में स्टॉकहोम वाटर प्राइज कमेटी का कहना है कि इस समस्या का हल अकेले विज्ञान व तकनीक से नहीं होगा। इस क्षेत्र में मानवीय समस्याएं जैसे सुशासन, नीतियां, नेतृत्व व सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निदान करना होगा।
राजस्थान में रहने वाले राजेंद्र सिंह की कर्मभूमि भी यही रही है। रेतीले राजस्थान में सूखे से मुकाबले व समुदायों के सशक्तीकरण के लिए उन्होंने अपने कई दशक लगा दिए। उन्होंने अपने संगठन के साथ मिलकर यहां के कई गांवों तक पानी लाने की व्यवस्था की। ऐसे करीब हजार गांवों के लिए उन्होंने भगीरथ प्रयास किए हैं और लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाया।
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