यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
युद्ध क्षेत्र बन गया है बलुचिस्तान, हमले रोकने के लिए सरकार को चाहिए ज्यादा अधिकार
बलुचिस्तान नेशनल पार्टी के सीनेटर जहनजेब जमालदिनी ने कहा कि संघीय और प्रांतीय सरकार इलाके में होने वाली आतंकी घटनाओं को रोक पाने में नाकाम साबित हो रही है।

इस्लामाबाद, आइएएनएस। बलुचिस्तान सरकार ने बलुचिस्तान को युद्ध क्षेत्र घोषित करते हुए मांग की है कि उनके इलाके में आए दिन होने वाली आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए उन्हें व्यापक अधिकार दिए जाएं। बलुचिस्तान के गृह सचिव मोहम्मद अकबर ने गुरूवार को मानवाधिकार के मुद्दे पर हुई मीटिंग में कहा कि प्रशासन के पास इन घटनाओं से निपटने के लिए कोई कानूनी अधिकार नहीं है जिससे ये इलाका युद्ध क्षेत्र बन गया है।
पाकिस्तान के अखबार द डॉन ने शुक्रवार को अकबर के हवाले से खबर लिखते हुए कहा कि बलुचिस्तान को 1958 से पहले मिली फ्रंटियर क्राइम रेगुलेशन के तहत मिले अधिकार वापिस मिलने चाहिए ताकि वो इस इलाके में होने वाली आतंकी घटनाओं से निपट सकें।
बलुचिस्तान नेशनल पार्टी के सीनेटर जहनजेब जमालदिनी ने कहा कि संघीय और प्रांतीय सरकार इलाके में होने वाली आतंकी घटनाओं को रोक पाने में नाकाम साबित हो रही है। गौरलतब है कि 8 अगस्त को क्वेटा के सिविल अस्पताल में हुए आत्मघाती हमले में जमालदिनी के बेटे की भी मौत हो गई थी। इस हमले में 70 से ज्यादा लोगों की जान गई थी।
