अरे साहब। यूं ही रोज सफाई हो जाए तो रैं¨कग की जरूरत नहीं
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी: अरे साहब, शहर में इस कदर साफ सफाई भी हो सकती है यह बीते
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी:
अरे साहब, शहर में इस कदर साफ सफाई भी हो सकती है यह बीते एक सप्ताह के दौरान पता चला है। अगर ऐसे ही सफाई होती रहे तो हमें कोई रैं¨कग की जरूरत ही नहीं। शहर के स रकुलर रोड से गुजरते रामकिशन की ये बातें इन दिनों शहर की बदली हुई नजर आ रही सफाई व्यवस्था को बयां करने के लिए काफी है। बुजुर्ग रामकिशन ही नहीं बल्कि शहर का आम आदमी भी यह महसूस कर रहा है कि एक सप्ताह के दौरान सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए काम तो हुआ लेकिन बात तब हो जब सफाई की यही व्यवस्था हर रोज कायम रहे। यहां बता देना जरूरी है कि शहर में तीन दिनों से केंद्र सरकार की तरफ से भेजी गई स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम ने डेरा डाला हुआ था। टीम शहर की साफ सफाई का जायजा ले रही थी और इसके आधार पर ही देश के 500 शहरों में रेवाड़ी की भी रैं¨कग तय होगी।
ये नजर आए बड़े बदलाव:
बदलाव 1: डं¨पग यार्ड भी रहे साफ सुथरे
शहर के कूड़े को इकट्ठा करके जगह-जगह निर्धारित स्थानों पर डाला जाता है। करीब 20 जगहों पर कूड़ा एकत्रित करने के लिए डं¨पग यार्ड बनाए गए हैं। अकसर इन डं¨पग यार्डों के के हालात बुरे ही रहते हैं। कचरा दूर तक फैला रहता है और इनके पास से गुजरना तक मुश्किल हो जाता है, लेकिन सर्वेक्षण टीम आने पर बड़ा बदलाव यह नजर आया कि शहर के डं¨पग यार्ड तक साफ सुथरे रहे। कचरा एकत्रित करते ही उसका उठान कर लिया गया।
बदलाव 2: सड़क से उठी मिट्टी तक
शहर की सड़कों पर सफाई कर्मचारी रोजाना झाडू तो लगाते हैं लेकिन ऐसा कभी देखने को नहीं मिला कि इन कर्मचारियों ने सड़क के दोनों ओर एकत्रित होने वाली मिट्टी को उठाकर पूरी तरह से सड़क को साफ सुथरा बनाया हो। सर्वेक्षण टीम आने पर बदलाव यही रहा कि सरकुलर रोड पर सफाई कर्मचारियों ने पूरी मेहनत से काम किया और मिट्टी के कण भी सरकुलर रोड पर नहीं छोड़े।
बदलाव 3: ईमानदारी से काम करते नजर आए सफाईकर्मी
शहर की सफाई व्यवस्था को कायम रखने की जिम्मेदारी सफाई कर्मचारियों के कंधे पर होती है लेकिन सबसे ज्यादा शिकायतें भी इन्हीं कर्मचारियों की आती रहती है। बीते एक सप्ताह के दौरान सफाई कर्मचारियों ने बेहतर वर्दी पहनकर जिस मेहनत से कार्य किया है उसकी भी तारीफ शहर के हर व्यक्ति ने की है।
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एक सप्ताह के दौरान जिस तरह से शहर को साफ सुथरा बनाया गया है यह बेहतर प्रयास है लेकिन ये प्रयास केवल सर्वेक्षण के दौरान ही सीमित नहीं रहने चाहिए। लगातार शहर को साफ सुथरा बनाने की दिशा में काम होना चाहिए, फिर रैं¨कग के लिए विशेष प्रयास करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
-प्रदीप भार्गव, पूर्व पार्षद।
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शहर के बाजारों को साफ सुथरा बनाने के लिए बदलाव शुरू हो गए हैं। अब दिन की बजाय रात को सफाई का काम होता है तथा रोजाना इस दिशा में काम हो रहा है। प्रयास यही है कि सुबह बाजार में आने वाले लोगों को सड़कें साफ सुथरी मिले।
-महेंद्र कुमार चावरिया, रात्रि सफाई निरीक्षक
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स्वच्छता की इस व्यवस्था को कायम रखने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। हमारा भी प्रयास है कि शहर साफ सुथरा हो। इसके लिए लोगों के सहयोग की भी आवश्यकता है। कचरा डं¨पग यार्ड में डाले उसके तुरंत उठान का प्रबंध हम करेंगे।
-मनोज यादव, ईओ नप।
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इनसेट:
आज और रहेगी टीम
केंद्र सरकार की एजेंसी क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम को 8 से 10 जनवरी तक तीन दिनों के लिए रेवाड़ी में रुकना था। एजेंसी की टीम तीन दिन से लगातार सर्वे कर रही है। अब टीम एक दिन और ज्यादा रुकेगी। टीम के सदस्य 11 जनवरी को नगर परिषद के अधिकारियों से मी¨टग करने के बाद ही रवाना होंगे।
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सर्वेक्षण को लेकर यह जानना जरूरी
सर्वेक्षण करने आई केंद्र सरकार की टीम सोमवार से शहर में स्वच्छता का सर्वेक्षण की जांच कर रही है। देशभर के 4041 शहरों को इस सर्वेक्षण में शामिल किया गया है।
-4041 शहर शामिल है स्वच्छता सर्वेक्षण में
-500 शहरों की होगी देशव्यापी रैंक जारी
-469वां रैंक मिला था रेवाड़ी को पांच वर्ष पूर्व हुए सर्वे में
-303 रैंक मिला था रेवाड़ी को वर्ष 2017 में।
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