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    साइलेंट किलर है हाई ब्‍लड प्रेशर या हाइपरटेंशन, बचाव के ल‍िए डॉक्‍टर्स दे रहे ये सलाह

    By Jagran NewsEdited By: Vinay Saxena
    Updated: Fri, 16 May 2025 07:36 PM (IST)

    उच्च रक्तचाप जिसे हाइपरटेंशन भी कहते हैं एक साइलेंट किलर है क्योंकि इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते। कौशाम्बी में हर चौथा व्यक्ति इससे पीड़ित है। खराब खानपान और मोटापा इसके मुख्य कारण हैं। चिकित्सक जीवनशैली में बदलाव जैसे व्यायाम स्वस्थ भोजन और नमक कम खाने की सलाह देते हैं। नियमित जांच और वजन नियंत्रण से रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है।

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    साइलेंट किलर है हाई ब्‍लड प्रेशर या हाइपरटेंशन।- सांकेत‍िक तस्‍वीर

    जागरण संवाददाता, कौशंबी। हाई ब्‍लड प्रेशर या हाइपरटेंशन ऐसी बीमारी है, जिसमें कोई प्रत्यक्ष लक्षण नहीं होते हैं। ऐसे में इसे ‘साइलेंट किलर’ की संज्ञा दी जाती है। इस बीमारी चपेट में आकर जब मरीज डॉक्टर के यहां पहुंचते हैं तो उन्हें गोलियां खानी पड़ती है। हालांकि, चिकित्सक कुछ ऐसी सलाह देते हैं, जिससे बिना दवा के इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

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    हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्या आमतौर पर तब तक सामने नहीं आती, जब तक यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण न बन जाए। घर पर रक्तचाप की नियमित निगरानी करने की सलाह के साथ डॉक्टर कुछ आसान सी चीजों को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं। इससे आप रक्तचाप को कम कर हृदय रोग के खतरे को भी कम कर सकते हैं। जीवनशैली में बदलाव उच्च रक्तचाप के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वस्थ जीवनशैली के साथ रक्तचाप को नियंत्रित करने से दवा की जरूरत को रोका या कम किया जा सकता है।

    मेडिकल कालेज के चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार सिंह का कहना है कि जिले में लगभग एक चौथाई व्यक्ति हाइपरटेंशन उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। यानी 100 में से 25 लोग इसकी जद में हैं। इसका मुख्य कारण है खराब खानपान, रहन व लोगों का बढ़ा वजन। ज्यादा वजन होने से सोते समय सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। इस समस्या को मेडिकल साइंस में स्लीप एपनिया कहते हैं।

    बताया कि वजन कम करना रक्तचाप को नियंत्रित करने का सबसे बढ़िया उपाय है। इसके लिए नियमित व्यायाम करें। यही नहीं मोटे अनाज, फल, हरी सब्जियां खाने में प्रयोग करें। कम वसा और कोलेस्ट्राल वाले भोजन का सेवन भी रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों को अपने आहार में नमक और सोडियम का इस्तेमाल कम करना चाहिए। नियमित रूप से आहार में सोडियम की कम मात्रा दिल और पूरे शरीर को फिट रखती है और रक्तचाप को बेहतर बनाती है।

    हाइपरटेंशन के लक्षण

    सिरदर्द, चक्कर आना, सांस लेने में कठिनाई, नाक से खून आना, सीने में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी होना और पैरो में सूजन।

    हाइपरटेंशन के जोखिम कारक

    पारिवारिक इतिहास, अधिक वजन या मोटापा, लंबे समय तक मानसिक तनाव, उम्र बढ़ना, डायबिटीज, किडनी रोग और हृदय रोग अस्वस्थ आहार, धूम्रपान, शराब का सेवन और शारीरिक गतिविधि की कमी।

    उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन से बचने के लिए नियमित रूप से बीपी की जांच करवाते रहना चाहिए। दवा की खुराख नियमित रूप से लेते रहना। डायबिटीज को नियंत्रण में रखना, जंक फूड का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। जबकि शारीरिक व्यायाम करते रहना चाहिए। - डॉ. संजीव सिंह, चेस्ट रोग विशेषज्ञ मेडिकल कॉलेज।