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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गोधरा ट्रेन नरसंहार का दोषी पैरोल से फरार रहने के एक साल बाद पकड़ा गया, खुफिया सूचना पर की गई कार्रवाई

By AgencyEdited By: Ashisha Singh Rajput
Published: Sun, 23 Jul 2023 10:53 PM (IST)

पुलिस ने रविवार को बताया कि खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए पैरोल फरलो दस्ते ने कासिम अब्दुल सत्तार को ...और पढ़ें

गोधरा कांड के बाद गुजरात में हुए दंगों में 1,200 से अधिक लोगों की जान चली गई।
गोधरा कांड के बाद गुजरात में हुए दंगों में 1,200 से अधिक लोगों की जान चली गई।

HighLights

  1. जिले का नाम सही किया गया है, दोषी का पूरा नाम दिया गया है

गोधरा, पीटीआई। गुजरात में वर्ष 2002 के गोधरा ट्रेन नरसंहार मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी को पैरोल से फरार रहने के एक साल बाद गुजरात के दाहोद जिले से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस ने रविवार को बताया कि खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए पैरोल फरलो दस्ते ने कासिम अब्दुल सत्तार को शनिवार को दाहोद के लिमखेड़ा से गिरफ्तार किया। उसे सिटी बी डिवीजन पुलिस को सौंप दिया गया ताकि उसे शेष सजा काटने के लिए अहमदाबाद की साबरमती केंद्रीय जेल ले जाया जा सके।

इस नरसंहार में 59 यात्री जिंदा जला दिए गए थे

27 फरवरी, 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के दो डिब्बों में आग लगाने के मामले में सत्तार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इस नरसंहार में 59 यात्री जिंदा जला दिए गए थे। गोधरा कांड के बाद गुजरात में हुए दंगों में 1,200 से अधिक लोगों की जान चली गई।