आगरा, जेएनएन। पूर्व सांसद डा. महादीपक सिंह शाक्य (98) नहीं रहे। उन्होंने अपने एटा स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। महादीपक ने छह बार एटा लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया।

एटा की राजनीति में लकी स्टार माने जाने वाले महादीपक की तबियत काफी समय से खराब चल रही थी। उनके निधन के वक्त परिवार के अधिकांश सदस्य मौजूद थे। महादीपक सिंह शाक्य जनसंघ और भाजपा से 6 बार सांसद रहे हैं। वर्ष 1981 से लेकर 1998 तक का दौर ऐसा था जब देश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल था। उस समय महादीपक लगातार चार बार जीते, इससे पहले दो बार सांसद रहे। 1977 में वे भारतीय लोकदल से भी जीते थे। एटा लोकसभा सीट पर बड़े से बड़े दिग्गजों को उन्होंने हराया। वर्ष 2019 के आम चुनाव से पहले वे कुछ समय के लिए भाजपा से नाराज हो गए और सपा के साथ चले गए मगर जब लोकसभा का चुनाव आया तो फिर से भाजपा के पक्ष में खड़े दिखाई दिए। महादीपक को सिद्धांतवादी राजनीति के लिए जाना जाता है। उन्होंने राजनीति जनसंघ से शुरू की थी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के साथ सदन में मौजूदगी रहती थी। महादीपक वरिष्ठ सांसद थे, उन्हें संसद की विभिन्न समितियों में हमेशा स्थान मिला मगर केंद्र सरकार में कभी मंत्री नहीं बने और कभी इस तरह की खबरें भी नहीं आईं कि उन्होंने मंत्री बनने के लिए नेतृत्व से बिगाड़ी हो। उनके निधन के बाद आवास पर राजनीतिक दलों के नेताओं, भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ है। बुधवार सुबह अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव अगोनापुर में किया जाएगा।

हर रोज करते थे योग

महादीपक सिंह शाक्य जब तक स्वस्थ थे तब तक निरंतर योग करते रहे। पिछले साल एक मुलाकात में उन्होंने कहा भी था मेरे फिट रहने का राज योग है। वे डेढ़ से दो घंटे तक योग करते थे।

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