वाराणसी, जेएनएन। आइआइटी-बीएचयू में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर साइंसेज के छात्रों को रिलायंस फाउंडेशन स्कालरशिप प्रदान की जाएगी। इसी सत्र यानि कि 2020-21 से ही संस्थान में पढ़ रहे यूजी और यूजी-पीजी डुुअल डिग्री के कुल 40 छात्रों को रिलायंस की ओर स्कालरशिप मिलेगी। इसके लिए आइआइटी-बीएचयू और रिलायंस फाउंडेशन के बीच एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है। छात्र सात मार्च तक इसके लिए अपने आवेदन दे सकते हैं।

यह स्कालरशिप इसी साल की शुरूआत में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष मुकेश अंबानी और रिलायंस फाउंडेशन की अध्यक्ष नीता अंबानी द्वारा लांच किया गया है। आइआइटी के निदेशक निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन ने बताया कि इस स्कालरशिप से गरीब व प्रतिभावान तबके के छात्रों का तेजी से विकास होगा। इस तरह के पहल से अब ऐसे नए स्कालरों की कम्युनिटी का निर्माण होगा, जो आने वाले भारत में एक वैश्विक एंटरप्रेन्योर और प्रख्यात इंजीनियर के रूप में उभरेंगे। प्रो. जैन के अनुसार भविष्य में इस स्कालरशिप के अंतर्गत अन्य कोर्स व ब्रांच के छात्रों को भी अवसर दिया जाएगा।

आइआइटी में पहले वर्ष के छात्रों को मिलेगी स्कालरशिप

यह स्कालरशिप बीटेक और डुअल डिग्री कोर्स में पहले वर्ष के छात्रों को यह स्कालरशिप दी जाएगी।आइआइटी में शैक्षणिक मामलों के संकाय प्रमुख प्रो. श्याम बिहारी द्विवेदी ने बताया कि रिलायंस फाउंडेशन स्कालरशिप का लाभ वही छात्र ले सकते हैं, जिन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कंप्यूटर साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी आइटी या फिर एआइ से अपनी डिग्री लेंगे।

चयनित स्कालर्स को पूरे स्नातक करने के दौरान हर साल एक-एक लाख के आधार पर कुल चार लाख रुपये दिए जाएंगे। यह हर साल एक-एक लाख रुपये के रूप में दिए जाएंगे। प्रो. द्विवेदी के अनुसार जल्द ही पीजी के छात्रों को भी स्कालरशिप प्रदान की जाएगी। इसके तहत पीजी के हर छात्र को हर साल तीन लाख और दोनों साल के मिलाकर छह लाख रुपये मिलेंगे।

व्यक्तिगत योग्यता पर होगा चयन

छात्रों का चयन विशुद्ध रूप से आवेदकों की व्यक्तिगत योग्यता पर आधारित होगा। इसके मूल्यांकन के लिए रिलायंस फाउंडेशन के स्वतंत्र विशेषज्ञ पैनलिस्टों द्वारा मानक तैयार किए गए हैं। इसमें मैथमैटिक्स व कंप्यूटिंग में बीटेक-एमटेक की डुअल डिग्री के भी छात्र शामिल होंगे।

Edited By: Abhishek sharma