कोलकाता, जागरण संवाददाता। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों में कोलकाता के सुदीप विश्वास भी शामिल हैं। सुदीप विश्वास की शादी होने वाली थी। इसके लिए उनके पिता लड़की भी ढूढ़ रहे थे। एक महीने की छुट्टी लेकर पिछले दिसंबर महीने में सुदीप अपने घर आए थे। 15 जनवरी को फिर लौट गए। होली के अवसर पर वह फिर से छुट्टी पर आने वाले थे।

10वीं की परीक्षा देने के बाद सीआरपीएफ में हुई नियुक्ति

बंगाल के नदिया जिले के पलाशीपाड़ा थानांतर्गत हांसपुकुरिया के रहने वाले सुदीप विश्वास के परिवार में पिता संन्यासी विश्वास, मां ममता विश्वास और एक छोटी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। सुदीप किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता के पास थोड़ी जमीन है। वर्ष 2014 में माध्यमिक (दसवीं) उत्तीर्ण होने के बाद उनकीं सीआरपीएफ में नियुक्ति हुई। उसके बाद घर की तंगहाली सुधरने लगी। सुदीप ने नौकरी के बाद माता-पिता के लिए खपरैल के मकान को पक्का बनवाया।

शहीद होने से पहले की थी माता-पिता से बातचीत

सुदीप के परिजनों ने बताया कि गुरुवार को अपराह्न लगभग तीन बजे सुदीप ने अपने माता-पिता से बात की थी। उन्होंने किसी तरह की चिंता नहीं करने को कहा था। उनके पिता बीमार हैं। उनका डॉक्टर से इलाज करवाने को भी सुदीप ने कहा था। इसी दिन शाम से समाचार चैनलों व सोशल मीडिया के जरिए परिवार को उक्त घटना की जानकारी मिली।

शुक्रवार को शहीद होने की मिली सूचना

शुक्रवार को जम्मू के सीआरपीएफ आफिस से उनके परिजनों को फोन आया। फोन पर सुदीप को शिनाख्त करने के लिए तमाम प्रकार की जानकारियां मांगी जा रही थी। अंतत: आतंकी हमले में सुदीप के शहीद होने की आधिकारिक जानकारी परिवार को मिली। बेटे की मौत के सदमे में मां का बुरा हाल है। वह बार-बार अचेत हो जा रही हैं। परिवार के बाकी लोगों को भी यही हाल है। सुदीप के शहीद होने की खबर से परिवार के साथ ही पूरे इलाके में मातम पसरा है।

Posted By: Mangal Yadav

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