पतनमतिट्टा, एजेंसियां। केरल में तेज बारिश और विकराल होती बाढ़ के मद्देनजर 10 बांधों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कक्की डैम की दो फाटकों को खोल दिया गया है। सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर की यात्रा पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है। उधर, प्रदेश में बारिश व बाढ़ से मरने वालों की संख्या 35 हो गई है। विपक्षी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को घेरते हुए कहा कि वामपंथी सरकार जरूरी कदम उठने में लापरवाही बरत रही है।

कक्‍की डैम के दो फाटक खोले 

हालांकि, सरकार ने आरोपों को खारिज कर दिया। कलक्ट्रेट में समीक्षा बैठक के बाद वित्त मंत्री के. राजन व स्वास्थ्य मंत्री वीणा जार्ज ने सोमवार को प्रेस वार्ता में कहा कि कक्की डैम के दो फाटकों को खोला गया है। इनसे 100-200 क्यूमेक्स पानी निर्गत होगा और पंपा नदी का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ जाएगा। बांध का पानी खतरे के निशान को पार कर गया है और 20 अक्टूबर से भारी बारिश की आशंका के मद्देजनर स्थितियां और भी खराब हो सकती हैं।

20-24 अक्टूबर के बीच भारी बारिश की आशंका

मंत्रियों ने कहा कि मौसम विभाग ने 20-24 अक्टूबर के बीच भारी बारिश की आशंका जताई है, जिसके मद्देनजर तीर्थयात्रियों को भगवान अयप्पा मंदिर में थुला मासम पूजा की इजाजत नहीं दी जा सकती। पूजा के लिए मंदिर को 16 अक्टूबर को खोला गया था। एएनआइ के अनुसार, तिरुअनंतपुरम में एक मकान पर सामने स्थित एक कंकरीट की दीवार गिरने से 22 दिनों के नवजात समेत छह लोग फंस गए, जिन्हें दमकल विभाग के कर्मचारियों ने सही सलामत निकाल लिया।

विशेष समिति लेती है डैम खोलने का निर्णय : विजयन

आइएएनएस के अनुसार, मुख्यंमत्री पिनराई विजयन ने कहा कि डैम खोलने का निर्णय विशेषज्ञ समिति लेती है। इसके बारे में संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को अवगत कराया जाता है, ताकि जरूरी इंतजाम किए जा सकें। फिलहाल 184 राहत शिविर लगाए गए हैं, जहां आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

केंद्र ने हर संभव मदद का दिया भरोसा

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि केरल सरकार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया है। वहां राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 11 टीमें तैनात की गई हैं। भारतीय नौसेना व वायुसेना को भी राहत कार्यो में लगाया गया है।