Wildlife populations growth: जंगलों में तेजी से बढ़ रही वन्यजीवों की आबादी, क्या है सुरक्षित सघन वन क्षेत्र की कहानी?
देश के 16 राज्यों में बाघ शेर सहित देश के दूसरे वन्यजीवों की आबादीइन जंगलों में तेजी से बढ़ी रही। आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी की संभावना। 2013 से 2023 तक भारत में वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है सघन वन क्षेत्र में भी सुधार हुआ है। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 109 करोड़ पौधे लगाए गए।
अरविंद पांडेय, नई दिल्ली। किसी भी वनक्षेत्र की समृद्धता का अंदाजा वहां पाए जाने वाले वन्यजीवों से और उनमें उनकी बढ़ती आबादी से लगाया जा रहा है। यह बात अलग है कि देश के सर्वाधिक वन आवरण वाले राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड जैसे 16 राज्यों में भले ही पिछले कुछ सालों में वन क्षेत्र घटा है, लेकिन इन क्षेत्रों में वन्यजीवों की संख्या में इसके बाद भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
इसकी वजह इन राज्यों के अत्यंत सघन वन क्षेत्र में किसी तरह का बदलाव न होना है। इन राज्यों के वन क्षेत्र में जो कमी दर्ज हुई है, वह ज्यादातर सामान्य वन क्षेत्र में दर्ज हुई है। खासकर ऐसे क्षेत्र जो वन क्षेत्र तो थे, लेकिन वहां घने जंगल नहीं थे। वन्यजीवों की बढ़ती आबादी की बात करें तो देश में पाए जाने वाले सर्वाधिक वन्यजीव इन्हीं 16 राज्यों में पाए जाते है। इनमें शेर, बाघ, तेंदुआ और अब चीता भी शामिल है।
अब देश में कितनी हो गई शेरों की संख्या?
हाल ही में शेरों के सर्वेक्षण को लेकर आई रिपोर्ट में देश में शेरों की संख्या बढ़कर 891 हो गई है। जो अकेले गुजरात में पाए जाते है, जहां भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 में वन क्षेत्र में करीब 61 वर्ग किमी की गिरावट दर्ज हुई थी। इसी तरह मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड जैसे राज्यों में वन क्षेत्र घटने के बाद भी बाघों की आबादी में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
कहां से शुरू हुआ था चीता प्रोजेक्ट?
देश से पूरी तरह से विलुप्त हो चुके चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत भी मध्य प्रदेश से की गई है। जहां चीतों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश व कर्नाटक जैसे देश के करीब दर्जनभर राज्य ऐसे भी जहां वन क्षेत्रों में पिछले बढ़ोतरी भी दर्ज हुई है। भारत वन स्थिति रिपोर्ट- 2023 की माने तो वर्ष 2013 की तुलना में देश में औसतन वन क्षेत्र बढ़ा है।
सघन वन क्षेत्र में भी हुई बढ़ोतरी
वर्ष 2013 में कुल वन क्षेत्र जहां 6.98 लाख वर्ग किमी था, वहीं 2023 में बढ़कर 7.15 वर्ग किमी हो गया है। इनमें इन सालों में करीब 16 हजार वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज हुई है। इनमें सघन वन क्षेत्र में भी बढ़ोतरी हुई है। वहीं जिन राज्यों में वन क्षेत्र घटा भी है वहां भी सघन वन क्षेत्र में कमोबेश वैसे ही रहा है। इससे साथ ही पिछले 11 सालों में देश में हरियाली बढ़ाने के अभियान भी सफल रहा है।
वर्ष 2023 में देश में कुल वृक्षावरण 1.12 लाख वर्ग किमी हो गया था। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो वर्ष 2025 में होने वाले सर्वेक्षण में वन व वृक्षावरण के क्षेत्र में और बढ़ोतरी दिखेगी।
इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुरु किए गए एक पेड़ मां के नाम से अभियान में एक साल में कुल 109 करोड़ पौधे रोपे गए है। इसके नए चरण की पीएम मोदी फिर से पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर शुभारंभ करेंगे।
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