विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 04, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नेताओं के दफ्तर के पास प्रदर्शन करने क्यों नहीं आ सकते लोग : सुप्रीम कोर्ट

By Arti YadavEdited By:
Published: Fri, 04 May 2018 07:05 AM (GMT+05:30)Updated: Fri, 04 May 2018 09:27 AM (GMT+05:30)

कोर्ट ने कहा यदि नेता वोट मांगने के लिए लोगों के पास जा सकते हैं तो चुनाव के बाद प्रदर्शन ...और पढ़ें

नेताओं के दफ्तर के पास प्रदर्शन करने क्यों नहीं आ सकते लोग : सुप्रीम कोर्ट
नेताओं के दफ्तर के पास प्रदर्शन करने क्यों नहीं आ सकते लोग : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, (प्रेट्र)। यदि नेता वोट मांगने के लिए लोगों से संपर्क साध सकते हैं तो चुनाव के बाद प्रदर्शन करने के लिए लोग उनके दफ्तर के समीप तक क्यों नहीं पहुंच सकते। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी मध्य दिल्ली में स्थायी रूप से निषेधाज्ञा लागू करने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान की है।

केंद्र ने लोगों के प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए यह फैसला लिया है। जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने कहा कि लोगों के प्रदर्शन के अधिकार को मान्यता देने वाले शीर्ष अदालत और हाई कोर्ट के ढेर सारे आदेश हैं। पीठ ने कहा, 'जब चुनाव के दौरान राजनेता लोगों के बीच वोट मांगने जाते हैं तो चुनाव के बाद प्रदर्शन करने के लिए लोग उनके कार्यालय के समीप तक क्यों नहीं आ सकते।'

अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि यातायात में बाधा से बचने के नाम पर केंद्र ने पूरे मध्य दिल्ली में स्थायी रूप से सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी है। इसके तहत प्रदर्शन या लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान जाने को कहा गया है जबकि कई आदेशों में लोगों के प्रदर्शन के अधिकार को मान्यता दी गई है। अधूरी रह गई सुनवाई नौ मई को भी जारी रहेगी।