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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कौन बनेगा अगला CEC? पीएम की अगुआई में हुई बैठक, राहुल गांधी भी पहुंचे; कांग्रेस ने क्या कहा?

Published: Mon, 17 Feb 2025 07:22 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 17 Feb 2025 07:28 PM (GMT+05:30)

देश का अगला मुख्य चुनाव आयुक्त कौन होगा इसको लेकर सोमवार को एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ...और पढ़ें

पीएम की अगुआई में अगले मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर हुई बैठक। (फोटो- पीटीआई)
पीएम की अगुआई में अगले मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर हुई बैठक। (फोटो- पीटीआई)

HighLights

  1. भारत के नए सीईसी कौन होगा इसको लेकर की गई बैठक।
  2. भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार कल होंगे रिटायर।
  3. मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष के लिए होता है।

एएनआई, नई दिल्ली। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार कल यानी मंगलवार को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले सोमवार को भारत के अगले मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) की नियुक्ति के लिए एक बैठक आयोजित की गई। ये बैठक साउथ ब्लॉक में हुई। बैठक में पीएम मोदी, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शामिल हुए।

कल रिटायर होंगे CEC

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार कल यानी 18 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं। उनके रिटायर होने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त कौन बनेगा, इसको लेकर चयन समिति की आज बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी शामिल थे।

जानकारी दें कि राजीव कुमार के जाने के बाद ज्ञानेश कुमार सबसे वरिष्ठ चुनाव आयुक्त (ईसी) बन जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका कार्यकाल 26 जनवरी, 2029 तक है।

केंद्र सरकार ने की समिति की स्थापना

बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के नेतृत्व में एक खोज समिति की स्थापना की है। यह समिति अगले मुख्य चुनाव आयुक्त के पद के लिए संभावित उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए जिम्मेदार है। इसका उद्देश्य है कि सबसे योग्य और सक्षम व्यक्ति को महत्वपूर्ण भूमिका के लिए नियुक्त किया जाए।

कांग्रेस ने क्या कहा? 

देश के अगले मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को लेकर हुई इस बैठक को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सीईसी चयन समिति सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्पष्ट और सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि सीईसी और ईसी की नियुक्ति पीएम, एलओपी और सीजेआई की समिति द्वारा की जानी चाहिए।

कैसे होती है CEC की नियुक्ति?

गौरतलब है कि सीईसी और ईसी की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर की जाती है। इस समिति का नेतृत्व भारत के प्रधानमंत्री करते हैं और इसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता के साथ-साथ प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य भी शामिल होते हैं।

सीईसी का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से छह वर्ष तक हो सकता है। हालांकि, सीईसी पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त करने पर सेवानिवृत्त हो जाएंगे, भले ही उनका कार्यकाल अभी समाप्त न हुआ हो।

राहुल गांधी ने उठाए थे सवाल

उल्लेखनीय है कि इसी महीने की शुरुआत में, लोकसभा में विपक्ष के नेता ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए सीईसी और अन्य ईसी की नियुक्ति की सिफारिश करने वाली चयन समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को हटाने पर सवाल उठाया और इसे सोची-समझी रणनीति करार दिया।

राहुल गांधी ने संसद में पूछा था कि नियम बदल दिए गए हैं। चुनाव आयुक्त का चयन प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और मुख्य न्यायाधीश करते थे। मुख्य न्यायाधीश को उस समिति से हटा दिया गया। यह प्रधानमंत्री से एक सवाल है, मुख्य न्यायाधीश को समिति से क्यों हटाया गया?

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