कौन था आतंकी अब्दुल रहमान मक्की? श्रीनगर से मुंबई तक... देश के इन शहरों को दहला चुका; ऐसे हुई मौत
कुख्यात आतंकी अब्दुल रहमान मक्की की मौत हो चुकी है। भारत में कई आतंकी हमलों में मक्की की भूमिका रही है। लंबे समय से भारतीय एजेंसियों को उसकी तलाश थी। अमेरिका साल 2010 में मक्की को वैश्विक आतंकी घोषित कर चुका है। 2019 में उसे पाकिस्तान की सरकार ने गिरफ्तार किया था। उसे लाहौर में नजरबंद रखा गया था। मगर अब मौत की खबर है।
एएनआई, नई दिल्ली। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अब्दुल रहमान मक्की की मौत हो गई है। दिल का दौरा पड़ने की वजह से उसकी जान गई है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक मक्की लश्कर के विदेश संबंध विभाग का सरगना था। वह 26/11 मुंबई हमले में भी शामिल था। 10 दिसंबर 1954 को जन्म मक्की आतंकी संगठन की खातिर धन जुटाता था। आइए जानते हैं कि अब्दुल रहमान मक्की कौन था?
- अब्दुल रहमान मक्की लश्कर-ए-तैयबा के सरगना आतंकी हाफिज सईद का साला है। भारत को कई मामलों में दोनों की तलाश है। मक्की आतंकी संगठन में युवाओं की भर्ती और धन जुटाने में अहम भूमिका निभाता रहा है। मुंबई हमलों के अलावा कई अन्य आतंकी घटनाओं में उसकी भूमिका भी उजागर हो चुकी है।
- संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक आतंकी अब्दुल रहमान मक्की लश्कर के विदेश संबंध विभाग का मुखिया था। वह शूरा निकाय का सदस्य भी था। मक्की जमात-उद-दावा के सेंट्रल और धर्मांतरण टीम का हिस्सा रहा चुका था। मक्की जम्मू-कश्मीर में धन जुटाने, युवाओं को भर्ती करने और कट्टरपंथी बनाने व हमलों की साजिश रचने में शामिल था।
- मक्की को 15 मई 2019 को पाकिस्तान सरकार ने गिरफ्तार किया था। उसे लाहौर में नजरबंद रखा गया था। 2020 में पाकिस्तान की एक अदालत ने मक्की को आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में सजा सुनाई थी।
- 4 नवंबर 2010 को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मक्की को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। इसके बाद अमेरिका ने अपने अधिकार क्षेत्र में मक्की की सभी संपत्तियों को जब्त कर लिया था।
इन हमलों की साजिश में शामिल रहा आतंकी मक्की
- 22 दिसंबर 2000 को लाल किला में आतंकी हमला हुआ था। इसमें छह आतंकियों ने लाल किले में सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की थी। इस हमले में मक्की शामिल रहा है।
- गृह मंत्रालय के मुताबिक मक्की ने 7 मई 2006 को हैदराबाद के चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन के आरटीसी क्रॉस रोड स्थित ओडियन थिएटर धमाके में भी शामिल था। इस हमले में चार लोग घायल हुए थे।
- 1 जनवरी 2008 को उत्तर प्रदेश के रामपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के शिविर पर आतंकी हमला हुआ। पांच आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया था। इसमें सात जवानों और एक रिक्शा चालक की जान गई थी।
- 26 नवंबर 2008 को मुंबई में सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ। पाकिस्तान के 10 आतंकियों ने मुंबई में कई स्थानों पर हमलों को अंजाम दिया। नौ आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार दिया था। वहीं अजमल कसाब को जिंदा पकड़ने में कामयाबी मिली थी। इस हमले में 166 लोगों की जान गई थी। इस आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया था।
- 12 और 13 फरवरी 2018 को श्रीनगर में सीआरपीएफ शिविर पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें एक जवान की मौत हुई थी। एक पुलिसकर्मी घायल हुआ था। 30 मई 2018 को बारामुल्ला और 7 अगस्त 2018 को बांदीपोरा में आतंकी हमले को अंजाम दिया गया।
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