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    मंगलुरु ऑटो रिक्शा विस्फोट मामले पर आतंकियों की क्या थी बड़ी योजना, डीजीपी ने जताई ये आशंका

    By AgencyEdited By: Dhyanendra Singh Chauhan
    Updated: Wed, 23 Nov 2022 02:50 PM (IST)

    मंगलुरु ऑटो रिक्शा विस्फोट मामले पर पुलिस ने सोमवार को दो लोगों की गिरफ्तारी भी की। वहीं इस मामले में कर्नाटक के डीजीपी से समाचार एजेंसी एएनआइ ने जब पूछा कि क्या मंगलुरु ऑटो ब्लास्ट के आरोपियों की कोई बड़ी योजना थी।

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    कर्नाटक डीजीपी प्रवीण सूद (फोटो सोर्स: ANI)

    बेंगलुरु, एएनआइ। मंगलुरु में ऑटो रिक्शा में विस्फोट के लिए इस्तेमाल किया गया प्रेशर कुकर बम बस को भी उड़ा सकता था। मंगलवार को जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई। इस मामले में पुलिस ने सोमवार को दो लोगों की गिरफ्तारी भी की। वहीं, इस मामले में कर्नाटक के डीजीपी प्रवीण सूद से समाचार एजेंसी एएनआइ ने जब पूछा कि क्या मंगलुरु ऑटो ब्लास्ट के आरोपियों की कोई बड़ी योजना थी। इस पर डीजीपी मसूद ने कहा कि आतंकी गतिविधि से लोगों और संपत्ति को नुकसान हो सकता था लेकिन बड़ा उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच असंतोष पैदा करना है। देश को अस्थिर करना और अशांति पैदा करना उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि इस घटना के यही प्रमुख उद्देश्य निश्चित रूप से थे।

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    साथ ही उन्होंने कहा कि मैं तमिलनाडु और केरल के डीजीपी के संपर्क में हूं। हम इसके पीछे लोगों को खोजने के लिए एक सामान्य उद्देश्य की दिशा में काम कर रहे हैं।

    प्रेशर कुकर में IED ले जा रहा था आरोपी

    शुरुआती जांच में पता चला था कि मंगलुरु में ऑटोरिक्शा में कम तीव्रता वाले इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के कारण आग लग गई थी। यह भी पता चला कि शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली का मुख्य आरोपी 24 वर्षीय शरीक एक ऑटो में यात्रा करते समय संशोधित प्रेशर कुकर में आईईडी ले जा रहा था।

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    IS विचारधारा से जुड़े लिंक

    यह भी पता चला कि उसने अपनी योजना को अंजाम देने में मदद करने के लिए दो अन्य लोगों को कट्टरपंथी बनाया था। शरीक ने आईएस की विचारधारा को स्वीकार किया और आतंकी समूह के एजेंडे के अनुसार आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। आरोपी अपने साथियों के साथ जिहाद के मौलिक विचारों और अवधारणाओं पर चर्चा करता था।

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    असत्यापित सूचना को इंटरनेट मीडिया पर साझा करने से बचें

    पुलिस आयुक्त ने एन. शशिकुमार ने मंगलवार को बताया कि कांकानाडी अस्पताल में इलाज करा रहे संदिग्ध आतंकी मोहम्मद शरीक से भी मुलाकात की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस सीसीटीवी फुटेज में दो व्यक्ति घूमते हुए पाए गए हैं, वह मामले से जुड़े नहीं है। फुटेज में दिख रहे दोनों व्यक्ति आम यात्री हैं। शशिकुमार ने लोगों को सलाह दी है कि वह असत्यापित सूचना को इंटरनेट मीडिया पर साझा करने से बचें।