National Quantum Mission: क्या है राष्ट्रीय क्वांटम मिशन? भारत की प्रगति को बढ़ावा देने में क्या होगी भूमिका?
National Quantum Mission क्वांटम टेक्नोलॉजी क्वांटम सिद्धांत पर काम करता है जो परमाणु और उप-परमाणु स्तर पर ऊर्जा और पदार्थ की प्रकृति के बारे में जानकारी प्रदान करता है। ये टेक्नोलॉजी आने वाले समय में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। Photo- Jagran Graphics

देवशंकर चौधरी, नई दिल्ली। National Quantum Mission: भारत सरकार ने देश में क्वांटम प्रौद्योगिकी के विकास को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन शुरू किया है। इस मिशन के तहत भारत में विभिन्न क्षेत्रों में क्वांटम तकनीक को गति देने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य देश में क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अधिक से अधिक विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना है। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन क्वांटम सुरक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षण विशेषज्ञों पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मिली मंजूरी
बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 19 अप्रैल को 6,003.65 करोड़ की कुल लागत के साथ 2023-24 से 2030-31 तक के लिए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मंजूरी दी है। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन से वैज्ञानिक और औद्योगिक शोध एवं विकास कार्यों को मदद मिलेगी।
क्या है क्वांटम टेक्नोलॉजी ?
क्वांटम टेक्नोलॉजी, क्वांटम सिद्धांत पर काम करता है, जो परमाणु और उप-परमाणु स्तर पर ऊर्जा और पदार्थ की प्रकृति के बारे में जानकारी प्रदान करता है। ये टेक्नोलॉजी आने वाले समय में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। क्वांटम टेक्नोलॉजी की मदद से डेटा और इंफॉर्मेशन को बहुत कम समय में प्रोसेस किया जा सकता है।
क्वांटम मिशन का क्या है उद्देश्य?
क्वांटम मिशन को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अन्य विभागों के साथ मिलकर लागू करेगा। मिशन का उद्देश्य इंटरमीडिएट स्तर के क्वांटम कंप्यूटर का विकास करना है। साथ ही, सुरक्षित संचार की व्यवस्था बनाना है। अब ये मिशन क्वांटम टेक्नोलॉजी आधारित आर्थिक विकास और भारत को इस क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनाने में सहयोग करेगा।
कितने देशों के पास है क्वांटम से जुड़ी तकनीक?
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन से भारत को दुनिया में एक मेगा क्वांटम जम्प मिलेगा। जानकारी के अनुसार, वर्तमान में दुनिया में सिर्फ छह देशों के पास इससे जुड़ी तकनीक है। हालांकि, इन देशों का क्वांटम तकनीक अनुसंधान एवं विकास चरण में हैं। किसी ने भी क्वांटम तकनीक पर कोई अनुप्रयोग नहीं किया है, जबकि भारत अब इस तकनीक का उपयोग कर उन देशों की बराबरी कर लेगा, जिनके पास इससे जुड़ी तकनीक है। अमेरिका, ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, फ्रांस, कनाडा और चीन के बाद भारत सांतवां क्वांटम मिशन वाला देश बन जाएगा।
किन क्षेत्रों पर क्वांटम तकनीक का पड़ेगा प्रभाव?
बता दें कि क्वांटम प्रौद्योगिकी का एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसमें हमारे जीने और काम करने के तरीके में क्रांति लाने की क्षमता है। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जो कंप्यूटिंग, संचार, क्रिप्टोग्राफी और अन्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों में क्वांटम यांत्रिकी के अध्ययन और अनुप्रयोग से संबंधित है। आने वाले समय में ये तकनीक कंप्यूटिंग, संचार, साइबर सुरक्षा में व्यापक अनुप्रयोगों के साथ नए मोर्चे खोलेगी। क्वांटम प्रौद्योगिकी में जलवायु परिवर्तन से लेकर चिकित्सा अनुसंधान तक दुनिया की कुछ सबसे जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता है। क्वांटम तकनीक से चुटकियों में बड़े डेटाबेस को खोजना आसान हो जाएगा।
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत कार्य
क्वांटम मिशन सटीक समय, संचार और नेविगेशन के लिए परमाणु प्रणालियों और परमाणु घड़ियों में उच्च संवेदनशीलता के साथ मैग्नेटोमीटर विकसित करने में मदद करेगा। क्वांटम मिशन से डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास लक्ष्यों को मदद मिलेगी।
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