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    Kinzhal Missile: वो मिसाइल जिसे यूक्रेनी सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब, साउंड से 10 गुना तेज करती है हमला

    By Versha SinghEdited By: Versha Singh
    Updated: Thu, 18 May 2023 03:57 PM (IST)

    रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव को निशाना बनाकर भीषण हवाई हमला किया। इस हमले का यूक्रेनी सेना पूरी ताकत के साथ मुहंतोड़ जवाब दिया। आइए जानते हैं किंझल मिसाइल के बारे में जिसे यूक्रेन ने हमले के दौरान नष्ट कर दिया।

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    वो मिसाइल जिसे यूक्रेनी सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब

    नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव को निशाना बनाकर भीषण हवाई हमला किया। इस हमले का यूक्रेनी सेना पूरी ताकत के साथ मुहंतोड़ जवाब दिया। यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली ने इसे विफल करते हुए दागी गई सभी 18 मिसाइलों को मार गिराया। इस हमले में 6 किंझल मिसाइलों को भी नष्ट कर दिया गया जो 11,000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं। इसके साथ ही 450 किग्रा विस्फोटक के साथ न्यूक्लियर हथियार ले जा सकती हैं। आइए जानते हैं किंझल मिसाइल के बारे में जिसे यूक्रेन ने हमले के दौरान नष्ट कर दिया।

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    क्या होती है किंझल मिसाइल? (What is Kinzhal Missile)

    रूस की किंझल मिसाइल दुनिया के किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकती है। रडार पर इसे पकड़ना काफी मुश्किल है। इस मिसाइल की सबसे खास बात है कि इसे हवा से लांच किया जा सकता है। इसमें एक बार में 1000 पाउंड के विस्फोटक या 500 किलोटन के परमाणु बम लोड किए जा सकते हैं।

    यह मिसाइल 1500 से 2000 किलोमीटर तक की दूरी के टारगेट को आसानी से तबाह कर सकती है। पिछले साल रूस ने किंझल मिसाइलों के प्रयोग से ही यूक्रेन के अंडरग्राउंड वेयरहाउस को उड़ाया था।

    रूस की किंझल मिसाइल 1 सेकंड में 3 किलोमीटर की स्पीड से अपने टारगेट पर हमला कर सकती है। हाल ही में रूसी मीडिया ने कंफर्म किया कि रूस ने यूक्रेन के लवीव शहर पर किंझल सुपरसोनिक मिसाइलों से हमला किया था। इस हमले के पीछे रूस का उद्देश्य यूक्रेन एयर डिफेंस को तबाह करना था। इस मिसाइल को रूस ने Mig-31k और Tu-22M3 फाइटर एयरक्राफ्ट में तैनात किया है।

    क्या होती हैं हाइपरसोनिक मिसाइल? (What is hypersonic missiles)

    हाइपरसोनिक मिसाइल दो तरह की होती हैं- हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल और हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल। हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए एक हाई स्पीड जेट इंजन का इस्तेमाल करती है, जिससे उसे साउंड से 5 गुना अधिक (मैक 5) स्पीड हासिल करने में मदद मिलती है। ये एक नॉन-बैलिस्टिक मिसाइल होती है।

    क्यों होती है खतरनाक?

    परमाणु हथियारों को ले जाने के लिए भी इनका उपयोग होता है। वहीं, भविष्य में हाइपरसोनिक हथियारों का जखीरा बढ़ेगा और ये ज्यादा घातक हो जाएंगे. अमेरिका तो ऐसे हथियार बना रहा है जो बैलिस्टिक मिसाइल की तरह लॉन्च होगा लेकिन टारगेट को ध्वस्त करने से पहले उसकी गति आवाज की गति से आठ गुना ज्यादा हो जाएगी।

    हाइपरसोनिक मिसाइल वह मिसाइल होती है जिनकी मिनिमम स्पीड साउंड से 5 गुना ज्यादा तेज होती है। यह मिसाइल अपने साथ परमाणु बम ले जा सकती हैं और हवा में कभी भी अपना रास्ता बदल सकती हैं। वहीं, बैलिस्टिक मिसाइल लक्ष्य की ओर लॉन्च होने से पूर्व एक पारंपरिक रॉकेट के माध्यम से पहले वायुमंडल में जाती हैं, जबकि हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले वायु की मदद से उच्च गति इंजन या 'स्क्रैमजेट' द्वारा संचालित होती है।

    हाइपरसोनिक मिसाइल की रफ्तार (speed of hypersonic missile)

    यह ध्वनि से अधिक गति से उड़ान भर सकता है, जो समुद्र तल पर 1,225 किलोमीटर प्रति घंटा और 35 हजार फीट की ऊंचाई पर 1,067 किलोमीटर प्रति घंटा है, जिस पर यात्री विमान उड़ान भरते हैं।

    यात्री जेट विमान 966 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हैं, जबकि हाइपरसोनिक प्रणाली 5,633 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दूरी तय करती है।

    हाइपरसोनिक प्रणाली का दशकों से इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्ष 1962 में जब अमेरिकी चालक दल धरती का चक्कर लगाकर लौटा था, तब उसका विमान वायुमंडल में हाइपरसोनिक गति से दाखिल हुआ था।

    परमाणु अस्त्रों से लैस दुनिया की सभी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें (आईसीबीएम) हाइपरसोनिक हैं, जो 24,140 किलोमीटर प्रति घंटे या 6.4 किलोमीटर प्रति सेकेंड की अधिकतम गति से लक्ष्य भेद सकती हैं।

    कितने प्रकार की होती हैं हाइपरसोनिक मिसाइल? 

    हाइपरसोनिक हथियार दो प्रकार के होते हैं। पहले ग्लाइड व्हीकल्स और दूसरे क्रूज मिसाइल। फिलहाल दुनिया के ज्यादातर देश यहां तक कि भारत भी हाइपरसोनिक ग्लाइड पर ध्यान दे रहा है। असल में इन ग्लाइड व्हीकल्स के पीछे मिसाइल लगाई जाती है।

    एक तय दूरी के बाद मिसाइल अलग हो जाती है, उसके बाद ग्लाइड व्हीकल्स खुद ही दिशा और गति तय करते हुए टारगेट की तरफ बढ़ते हैं। इन हथियारों में स्क्रैमजेट इंजन होता है जो हवा मे मौजूद ऑक्सीजन का इस्तेमाल करके तेजी से उड़ता है। 

    किन देशों के पास हैं हाइपरसोनिक मिसाइल? 

    फिलहाल हाइपरसोनिक मिसाइल अमेरिका, रूस और चीन के पास है। भारत भी ऐसे हथियार विकसित करने में लगा हुआ है। साथ ही ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देश भी इसे बनाने में जुटे हुए हैं।

    दुनिया का सबसे घातक हाइपरसोनिक हथियार रूस के पास है। इसे एवगार्ड मिसाइल कहते हैं। यह एक ICBM है, जो 24,696 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ सकती है।

    भारत तैयार कर रहा ब्रह्मोस-2 हाइपरसोनिक मिसाइल 

    भारत ब्रह्मोस-2 हाइपरसोनिक मिसाइल बना रहा है। इसमें भी स्क्रैमजेट इंजन लगाया जाएगा, जो इसे तेज गति और ग्लाइड करने की ताकत देगा। इसकी रेंज अधिकतम 600 किलोमीटर होगी। लेकिन गति 8,575 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। इसे जहाज, पनडुब्बी, विमान या जमीन पर लगाए गए लॉन्चपैड से दागा जा सकेगा।