नई दिल्ली, एजेंसी। उमस भरी गर्मी से परेशान राजधानी के लोगों को शनिवार को भी कोई खास राहत नहीं मिल सकी। दिनभर उमड़ते-घुमड़ते रहे मेघ आखिर में बिना बरसे ही लौट गए। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि रविवार को बादल छाए रहने के साथ ही हल्की बारिश भी होगी, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक राजेंद्र कुमार जेनामनी ने बताया कि  दिल्ली में अगले 24 घंटे में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। परसों(14 जुलाई) से ​बारिश नहीं होगी, 16 जुलाई से फिर बारिश शुरू होगी।

इससे पहले मौसम विभाग ने बताया है कि 2 घंटे के दौरान दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेरठ, रोहतक, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आंधी के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की स्पीड 30-60 किमी प्रति घंटा होगी। वहीं जम्मू कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब के शेष हिस्सों और पश्चिम उत्तर प्रदेश, शेष मध्य प्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

इन राज्यों में बारिश की संभावना

मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार आज पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और तटीय कर्नाटक में मध्यम से भारी बारिश जारी रहेगी। बिहार के तराई क्षेत्रों, पूर्वोत्तर भारत, झारखंड, उत्तरी ओडिशा, उत्तरी छत्तीसगढ़, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तरी पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। तमिलनाडु और पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 17 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश में बारिश का अनुमान जताया है। शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा कि 17 जुलाई तक राज्य के मैदानी और निचले क्षेत्रों में बारिश की संभावना है।बता दें कि मनाली समेत राज्य के कई हिस्सों में शनिवार को भी हल्की बारिश हुई।

बिहार में उफान पर नदियां, असम में बाढ़ जैसे हालात

बिहार में नदियों के उफान से बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। बलरामपुर में राप्ती नदी और पहाड़ी नाले उफान पर हैं। नेपाल की पहाड़ियों पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर तराई क्षेत्र के मैदानी इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर बह रहा है। इसके साथ ही जलस्तर का लगातार बढ़ना जारी है। इससे निचले इलाके के लगभग 165 गांव बुरी तरह प्रभावित हैं। दर्जनों गांवों का संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में डूब गया है। असम में भारी बारिश के बाद रिंग बांध टूट गया है। असम में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं, और रोज पानी का स्तर बढ़ रहा है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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