नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। Bunion Surgery Symptoms And Treatments कृतिका (परिवर्तित नाम) हाई हील की सैंडल पहनती थी। इसका एक प्रमुख कारण यह था कि उसका कद भारतीय महिलाओं के औसत कद से भी कम था। कद छोटा होने की वजह से वह स्वयं को हीनभावना से ग्रस्त महसूस करती थी। इस कारण वह समझने लगी कि हाई हील की सैंडल पहनने से वह सामान्य कद वाली लड़की दिखेगी, लेकिन दो-तीन साल बाद उसकी पिंडलियों में दर्द की समस्या उत्पन्न हो गई।

जब उसने अपनी सहेली के पिता के परामर्श पर मुझसे संपर्क किया किया, तब जांच के बाद मैंने उसे बताया कि उसकी समस्या ऊंची हील की सैंडल पहनने के कारण हैं, क्योंकि ऊंची हील के टाइट फुटवेयर पहनने से पिंडलियों पर जोर पड़ता है और वे टाइट हो जाती हैं।

यह स्थिति पैरों और पिंडलियों में दर्द का कारण बन सकती हैं। आपके पैर के अंगूठे को जोड़ने वाली हड्डी में दर्द के साथ उभार हो, तो ऐसी संभावना है कि आप बनियन फुट नामक विकार से पीड़ित हैं। मोटे तौर पर बनियन फुट की समस्या तभी पैदा होती है, जब आपके वजन का दबाव पैरों के जोड़ों और नसों पर असमान रूप से बढ़ जाता है। दबाव का यह असंतुलन आपके अंगूठे के बड़े जोड़ को अस्थिर बना देता है। इसके परिणामस्वरूप जोड़ का वह हिस्सा सख्त गांठ में बदल जाता है और वह पैर के सामान्य आकार से बाहर उभर आता है।

कारण: ऊंची एड़ी के या बहुत छोटे जूते या सख्त जूते पहनना बनियन फुट नामक समस्या का एक कारण माना जा सकता है, वहीं पैरों के वंशानुगत प्रकार, चोट लगना या जन्म के समय किसी अन्य तरह की विकृति भी पैर की इस बीमारी का कारण है। बनियन का संबध अर्थराइटिस के कुछ खास प्रकार से भी माना जाता है-खासकर रूमैटॉइड अर्थराइटिस से।

बनियन कैसे प्रभावित करता है : बनियन फुट से पीड़ित व्यक्ति के अंगूठे का आकार (मेटाटार्सोफैलेनजील ज्वाइंट) बड़ा होकर बाहर निकल जाता है। इस कारण मेटाटार्सोफैलेनजील ज्वाइंट के ऊपर की त्वचा लाल और मुलायम हो जाती है। ऐसे में किसी भी तरह का जूता पहनने पर दर्द होता है और हर कदम पर यह जोड़ मुड़ जाता है। जितना बड़ा बनियन होगा, आपके चलने में उतनी ही तकलीफ होगी।

आम तौर पर आपके पैर का अंगूठा इसके बाद वाली अंगुली की ओर मुड़ा हो सकता है या हमेशा इसी के नीचे इस हद तक मुड़ा रह सकता है कि आपके तलवे की त्वचा मोटी और पीड़ादायक हो सकती है। कई बार गंभीर स्थिति का बनियन आपके पैर को कुरूप बना देता है और यदि यह बीमारी बहुत गंभीर हो जाए, तो आपको चलने-फिरने में भी दिक्कत आ सकती है। इस प्रकार आपका दर्द स्थायी बन सकता है और आप अर्थराइटिस के शिकार हो सकते हैं।

इलाज: वैसे तो बनियन फुट का इलाज संभव है, लेकिन जब यह रोग स्थायी हो जाए, तो सर्जिकल इलाज के अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाता। फुट एंड एंकल स्पेशलिस्ट आपके पैर की जांच करने के बाद ही बनियन फुट समस्या की पहचान कर सकता है। अपने अंगूठे को ऊपर-नीचे घुमाकर आप इसे देख सकते हैं और इसी से आपका डॉक्टर तय कर पाता है कि इसकी गतिशीलता किस हद तक है। डॉक्टर उस जगह की लालिमा या सूजन पर भी गौर करते हैं।

मददगार टिप्स

  • नोकदार अंगूठे वाले जूते न पहनें।
  • हाई हील वाले जूते या सैंडल न पहनें।
  • सुनिश्चित करें कि आपका जूता आपके अंगूठे में जकड़न या परेशानी न पैदा करे।
  • चौड़े पंजे वाले जूते पहनें। इसमें अंगूठे की नोक से लेकर जूते के दूसरे छोर के बीच खुली जगह होनी चाहिए।
  • आपके जूते आपके पैर के आकार में ही होने चाहिए ताकि पैर के किसी हिस्से को मोड़ना न पड़े या उस पर दबाव न पड़े।

सर्जरी की जरूरत: यदि जूते की सही पैडिंग से, जूते के प्रकार बदलने और दवाओं आदि यानी परंपरागत इलाज से पीड़ित शख्स को राहत नहीं मिलती हैं, तब सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। बनियन फुट सर्जरी का मकसद अंगूठे को सही स्थिति में वापस लाते हुए आपको असहजता से राहत दिलाना है। बनियन की समस्या को दूर करने के लिए अंगूठे की बढ़ी हुई हड्डी का एक विशेष ऑपरेशन के जरिए एलाइनमेंट किया जाता है। इस ऑपरेशन के दो हफ्ते बाद मरीज एड़ियों के बल चल सकता है।

ध्यान दें: बनियन फुट के कारण जब तक आपको लगातार दर्द न होता हो या आपकी दैनिक गतिविधियां बाधित नहीं हो रही हों, तब तक आप सर्जरी न कराएं, लेकिन यदि आपको अपने पैर में बनियन की आशंका है, तो देरी न करें और किसी फुट एंड एंकल स्पेशलिस्ट से सलाह ले।

डॉ.प्रदीप मूनोट स्पेशलिस्ट: नी, फुट एंड ऐंकल सर्जरी, मुंबई

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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