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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Waterlogging in Guwahati: जल जमाव को कम करने के लिए गुवाहाटी में 89 पुलों को गिराने का आदेश

By AgencyEdited By: Babli Kumari
Published: Tue, 07 Mar 2023 10:10 AM (IST)

Waterlogging in Guwahati एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि शहर के एक हिस्से में जल जमाव की समस्या ...और पढ़ें

जल जमाव को कम करने के लिए गुवाहाटी में 89 पुलों को गिराने का आदेश (प्रतीकात्मक फोटो)
जल जमाव को कम करने के लिए गुवाहाटी में 89 पुलों को गिराने का आदेश (प्रतीकात्मक फोटो)

गुवाहाटी, एजेंसी। एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि शहर के एक हिस्से में जल जमाव की समस्या को कम करने के लिए शहर में लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर एक नदी पर बने 89 पुलों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। शहरी बाढ़ को कम करने के कार्य की आकस्मिक प्रकृति का हवाला देते हुए, सार्वजनिक और निजी दोनों पुलों को ध्वस्त करने का आदेश पूर्व-पक्षीय पारित किया गया था।

कामरूप महानगर उपायुक्त एवं जिला प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष पल्लव गोपाल झा द्वारा जारी किया गया, आदेश में कहा गया है कि विध्वंस के निष्पादन के दौरान सार्वजनिक हस्तक्षेप या बाधा को सार्वजनिक सेवा में बाधा माना जाएगा और प्रचलित अधिनियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

गुरुवार को जारी किया गया था निर्देश 

हालांकि निर्देश गुरुवार को जारी किया गया था, लेकिन इसे अधिकारियों द्वारा मीडिया के साथ साझा नहीं किया गया था। यह आदेश सोमवार को कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष देवव्रत सैकिया द्वारा मीडिया को उपलब्ध कराया गया, जिन्होंने एक बयान में इसे आम लोगों के खिलाफ सरकार द्वारा एक अमानवीय कदम करार दिया। आदेश में कहा गया है कि यह 'शहरी बाढ़ को कम करने के लिए आकस्मिक प्रकृति' के कारण एकतरफा पारित किया गया था।

आदेश में कहा गया है कि अगर इन ढांचों को तुरंत नहीं गिराया गया तो बाहिनी नदी के किनारे गाद निकालने का काम प्रभावी नहीं होगा, जिससे उस क्षेत्र के निवासियों और आम जनता को भारी कठिनाई होगी।

80 से अधिक पुलों को 2008 में किया गया था ध्वस्त

वहीं कांग्रेस नेता सैकिया ने कहा कि आदेश नदी पर उचित हाइड्रो/बाढ़ स्तर की रिपोर्ट पर आधारित होना चाहिए था। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि गुवाहाटी में बाहिनी और भरालू नदियों पर 80 से अधिक पुलों को 2008 में ध्वस्त कर दिया गया था और मौजूदा पुलों को आवश्यक अनुमति और संबंधित विभागों से अनुमोदन के बाद बनाया गया था।

भूमि को खाली करने के लिए चलाया बेदखली अभियान

असम सरकार ने हाल ही में शहर में सिलसाको बील (झील) के किनारे कथित अतिक्रमणकारियों से लगभग 400 बीघा (132 एकड़ से अधिक) भूमि को खाली करने के लिए एक बेदखली अभियान चलाया।

सिलसाको बील एक छोटे से गड्ढे में हुआ तब्दील

गुवाहाटी मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) के अध्यक्ष नारायण डेका ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि अतिक्रमण के कारण सिलसाको बील एक छोटे से गड्ढे में तब्दील हो गया है और मानसून के दौरान राजधानी शहर के पूर्वी हिस्से में जलभराव का एक मुख्य कारण है।

एक अधिकारी ने कहा कि जीएमडीए ने पहले कदम के रूप में झील के दोनों किनारों पर 100 मीटर, लगभग 400 बीघा को साफ करने का लक्ष्य रखा है।