नई दिल्ली, एएनआइ। मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले ( Vyapam Scam) मामले में सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत ने बड़ी कार्रवाई की है। भोपाल में सीबीआई की विशेष अदालत ने व्यापम घोटाले मामले में पांच लोगों को दोषी ठहराया है। साथ इन लोगों को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा उनके दो सह-आरोपियों को ठोस सबूत के अभाव में कर दिया गया है।

न्यायमूर्ति नीतिराज सिंह सिसोदिया ने सुनाया फैसला

इस विशेष मामले से संबंधित कुल 32 गवाहों से अदालत में जिरह की गई। उनकी गवाही और घोटाले से संबंधित 200 पन्नों के दस्तावेजों के आधार पर व्यापम मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति नीतिराज सिंह सिसोदिया ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया।

सजा पाने वाले पांच लोगों में से चार की पहचान कमल किशोर, अमर सिंह, नागेंद्र सिंह, सुरेश सिंह के रूप में हुई है, जिन्होंने परीक्षा में डमी उम्मीदवार का इस्तेमाल किया था। वहीं, एक व्यक्ति दूसरे उम्मीदवार के स्थान पर परीक्षा में बैठा था।

2013 के मामले में पेश की गई चार्जशीट

यह चार्जशीट पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2013 के मामले में पेश की गई थी। सीबीआई के लोक अभियोजक मनुजी उपाध्याय ने कहा कि व्यापम ने 2013 में मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की थी।

इससे संबंधित 160 मामलों में CBI कर रही जांच

2013 में उजागर हुए व्यापम घोटाले से संबंधित 160 मामलों में सीबीआई ने जांच की। भोपाल जिला अदालत 54 मामलों की सुनवाई कर रही है, जबकि अन्य मामलों की सुनवाई इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर की विभिन्न अदालतों में हो रही है।

व्यापम मामले में 1300 से अधिक आरोपी

व्यापम घोटाले से जुड़े लगभग 50 प्रतिशत मामलों को समाप्त कर दिया गया है। मुख्य मामले में मुकदमा चल रहा है, जिसमें 1300 से अधिक आरोपी हैं। विशेष रूप से मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल या व्यापम के कर्मचारियों सहित मामले के सभी प्रमुख आरोपी जमानत पर बाहर हैं।

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Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan

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