नहीं रहे विलासराव देशमुख
केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख का मंगलवार दोपहर 1 बजकर 40 बजे हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उन्हें एक हफ्ते पहले नाजुक हालत में मुंबई से स्थानीय ग्लोबल अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों का दल उनके लिवर प्रत्यारोपण की योजना बना रहा था। इससे पहले कि प्रत्यारोपण हो पाता, लिवर दान करने वाले व्यक्ति की मौत हो गई। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने लोकसभा को उनकी मौत की सूचना दी। इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
चेन्नई। केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख का मंगलवार दोपहर 1 बजकर 40 बजे हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उन्हें एक हफ्ते पहले नाजुक हालत में मुंबई से स्थानीय ग्लोबल अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों का दल उनके लिवर प्रत्यारोपण की योजना बना रहा था। इससे पहले कि प्रत्यारोपण हो पाता, लिवर दान करने वाले व्यक्ति की मौत हो गई। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने लोकसभा को उनकी मौत की सूचना दी। इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
दो बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके देशमुख अपने पीछे पत्नी वैशाली के अलावा तीन बेटे रितेश [अभिनेता], अमित [विधायक] और धीरज [परिवार के शैक्षिक संस्थानों के प्रबंधक] को छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार लातूर जिले के पैतृक गांव बभलगांव में किया जाएगा। विलासराव देशमुख के भाई दिलीप देशमुख ने बताया कि बुधवार को उनका शव सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक बभलगांव में ही रखा जाएगा।
राज्यसभा सांसद देशमुख फिलहाल बिना पोर्टफोलियो के मंत्री थे। इससे पहले वह विज्ञान व तकनीक और एमएसएमई मंत्री थे। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय, कई साथी मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों और नेताओं ने देशमुख को भरोसेमंद साथी व काबिल प्रशासक बताते हुए श्रद्धांजलि दी। साथ ही बॉलीवुड की कई हस्तियों ने उनकी मृत्यु को अपूर्णीय क्षति बताया। वर्ष 1974 में बभलगांव के सरपंच के तौर पर राजनीतिक यात्रा शुरू करने वाले देशमुख केंद्रीय कैबिनेट के सदस्य बनने से पहले दो बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके थे। आइएलएस लॉ कॉलेज से स्नातक विलासराव कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ता थे। वह पहली बार वर्ष 1980 में महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद वह 1985 और 1990 में भी विधानसभा चुनाव जीते।
ग्लोबल अस्पताल के चेयरमैन के. रविंद्रनाथ ने बताया कि मंगलवार दोपहर 1.40 बजे हृदयगति रुकने से उनका निधन हो गया। उन्होंने बताया कि लिवर फेल होने के कारण उनकी किडनी फेल हो गई थीं। उनके फेफड़ों को भी वेंटीलेटर और दवाओं की जरूरत पड़ रही थी। रविंद्रनाथ ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता को बहुत ही नाजुक हालत में अस्पताल लाया गया था। सोमवार रात एक सरकारी अस्पताल में मौजूद ब्रेन डेड दानकर्ता की मौत के बाद तत्काल लिवर प्रत्यारोपण की उम्मीदें भी खत्म हो गई।
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