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    Video: गगनयान मिशन की टेस्ट फ्लाइट रही सफल, Crew Escape Module की बंगाल की खाड़ी में हुई सॉफ्ट लैंडिंग

    By Jagran NewsEdited By: Shalini Kumari
    Updated: Sat, 21 Oct 2023 01:20 PM (IST)

    गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission) की पहली टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक लॉन्च हो गई है। गगनयान की टेस्ट फ्लाइट में क्रू एस्केप मॉड्यूल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। मॉड्यूल बंगाल की खाड़ी में उतर गया है। इसका लेटेस्ट वीडियो सामने आया है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। क्रू मॉड्यूल के आपातकालीन बचाव प्रणाली का परीक्षण किया जो थ्रस्टर से अलग हो गया और लॉन्च के लगभग 10 मिनट बाद समुद्र में सॉफ्ट लैंडिंग की।

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    गगनयान की टेस्ट फ्लाइट में क्रू एस्केप मॉड्यूल का हुआ सफल परीक्षण

    एजेंसी, नई दिल्ली। गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission) की पहली टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक लॉन्च हो गई है। गगनयान की टेस्ट फ्लाइट में क्रू एस्केप मॉड्यूल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। मॉड्यूल बंगाल की खाड़ी में उतर गया है। इसका लेटेस्ट वीडियो सामने आया है।

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    10 मिनट बाद की सॉफ्ट लैंडिंग

    शनिवार के रॉकेट ने अपने क्रू मॉड्यूल के आपातकालीन बचाव प्रणाली का परीक्षण किया, जो थ्रस्टर से अलग हो गया और लॉन्च के लगभग 10 मिनट बाद समुद्र में सॉफ्ट लैंडिंग की। यह मिशन वाहन के क्रू एस्केप सिस्टम की क्षमता का परीक्षण करने के लिए आयोजित किया गया था, जिसका उपयोग आपातकालीन स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों को बाहर निकलने की आवश्यकता होने पर किया जाएगा।

    एस सोमनाथ ने क्या कहा?

    इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के मिशन केंद्र से कहा , "हमें मिशन की सफलता की घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है। मिशन का उद्देश्य क्रू एस्केप सिस्टम का प्रदर्शन करना था। क्रू एस्केप सिस्टम शुरू करने से पहले वाहन ध्वनि की गति से थोड़ा ऊपर चला गया।" उन्होंने कहा, "बचाव प्रणाली चालक दल के मॉड्यूल को वाहन से दूर ले गई और समुद्र में टच-डाउन सहित बाद के ऑपरेशन बहुत अच्छी तरह से पूरे किए गए हैं।"

    यह भी पढ़ें: Gaganyaan Mission की टेस्ट फ्लाइट हुई सफल, Crew Escape की क्षमता का किया गया परीक्षण

    2024 में लॉन्च होगा मिशन

    परीक्षण वाहन डी1 मिशन को सुबह 8 बजे पहले लॉन्च पैड से लॉन्च करने के लिए निर्धारित किया गया था, जिसे बाद में सुबह 8.45 बजे कर दिया गया, लेकिन लॉन्च से ठीक 5 सेकंड पहले उल्टी गिनती बंद हो गई। इसरो ने कारण की पहचान की और सुबह 10 बजे परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।

    भारत 2024 में लॉन्च होने वाले गगनयान नामक मिशन में अपनी मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा। देश 2035 तक एक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करेगा और वीनस ऑर्बिटर के साथ-साथ मंगल लैंडर पर भी काम करेगा।

    यह भी पढ़ें: Gaganyaan Mission: गगनयान परीक्षण में क्या हुआ था गलत और ISRO ने कैसे किया इसे ठीक, एस सोमनाथ ने दी पूरी जानकारी