'लूटी रकम की वापसी से ही मिलेगा पीड़ितों को न्याय', मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी पर क्या बोले PNB स्कैम के व्हिसलब्लोअर?
बेल्जियम में मेहुल चोकसी की की गिरफ्तारी पर पीएनबी के हजारों करोड़ के घोटाले में व्हिसल ब्लोअर की प्रतिक्रिया सामने आई है। PNB स्कैम के व्हिसलब्लोअर हरिप्रसाद एसवी ने कहा कि यह अच्छी खबर है। अब यह देखना होगा कि उसे वापस लाने में कितना समय लगेगा। पीड़ितों को न्याय सिर्फ चोकसी की गिरफ्तारी से नहीं मिलेगा बल्कि घोटाले की रकम की वसूली से मिलेगा।

आईएएनएस, नई दिल्ली। पीएनबी के हजारों करोड़ के घोटाले में व्हिसल ब्लोअर हरिप्रसाद एसवी ने बेल्जियम में मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी का स्वागत किया है। उन्होंने भारतीय अधिकारियों से अनुरोध किया कि उसका प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया जाए क्योंकि इसमें विफलता का मतलब राष्ट्रीय विफलता होगा।
हरिप्रसाद ने कहा कि यह अच्छी खबर है। अब यह देखना होगा कि उसे वापस लाने में कितना समय लगेगा। पीड़ितों को न्याय सिर्फ चोकसी की गिरफ्तारी से नहीं मिलेगा, बल्कि घोटाले की रकम की वसूली से मिलेगा। वह करोड़ों रुपये लेकर भागा है।
'चोकसी को वापस लाना काफी कठिन होगा'
उन्होंने कहा कि चोकसी को वापस लाना काफी कठिन होगा क्योंकि प्रत्यर्पण से बचने के लिए वह यूरोप के सर्वश्रेष्ठ वकीलों की सेवाएं लेगा। साथ ही बताया कि चोकसी ने भारत में लगभग सौ फ्रेंचाइजी के साथ धोखाधड़ी की थी और उनमें से ज्यादातर ने विभिन्न शहरों में मामले दर्ज कराए हैं।
चोकसी के प्रत्यर्पण में लग सकता है समय
मामले के शिकायतकर्ताओं में से एक वैभव खुरानिया ने भी कहा कि प्रत्यर्पण की कानूनी जटिलताओं के कारण चोकसी को वापस लाना आसान नहीं होगा। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि उसे वापस लाया जाएगा और विजय माल्या मामले की तरह भारतीय अधिकारी विफल नहीं होंगे। पूर्व राजनयिक केपी फैबियान ने कहा कि चोकसी के प्रत्यर्पण में काफी समय लगेगा।
26/11 हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उसके प्रत्यर्पण में 17 वर्ष लग गए। उन्होंने कहा कि अब वह (चोकसी) बेल्जियम में है और प्रत्यर्पण के हमारे अनुरोध पर बेल्जियम ने उसे हिरासत में लिया है। लेकिन हम इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते कि कल या परसों बेल्जियम उसे प्रत्यर्पित कर देगा क्योंकि इसके लिए कानूनी प्रक्रिया है। भले ही बेल्जियम सरकार प्रत्यर्पण का फैसला करे, लेकिन वह अदालत जा सकता है। इसलिए इस समय हम नहीं कह सकते कि उसे प्रत्यर्पित किया जाएगा या नहीं, लेकिन जाहिर है कि हमें हरसंभव प्रयास करना चाहिए।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।