वडोदरा, एजेंसी।  Tik Tok आज एक जाना पहचाना नाम बन चुका है। सोशल मीडिया पर अपना Tik Tok वीडियो डालने के चक्कर में लोग कुछ भी कर गुजरने को तैयार है। आम आदमी से लेकर सेलिब्रिटी और अब पुलिस वालों तक इसका नशा सिर चढ़ कर बोल रहा है। हालांकि, यह ऐप अपनी एक्टिंग को दर्शाने का भी एक अच्छा प्लेटफॉर्म है। इसे हर कोई आजमा रहा है, लेकिन अब इसे लेकर वडोदरा क्राइम ब्रांच के अधिकारी की मुश्किलें बढ़ गई है।

क्राइम ब्रांच कार्यालय में तैनात एसआई अरुण मिश्रा का एक वीडियो गुरुवार देर शाम को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रकाश में आया। 10 सेकंड के इस वीडियो में मिश्रा वर्दी में अपने फोन को सेल्फी मोड में पकड़े हुए और खुशी से एक लोकप्रिय गीत, फिल्म केदारनाथ के गाने, ‘Sweetheart hai’पर Tik Tok वीडियो बनाते हुए दिख रहे है। वहीं, वीडियो के बैकग्राउंड को देखा जाए तो वह उनके कार्यालय का ही लग रहा है।

हालांकि, वडोदरा पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी थी और अब खबर है कि इस मामलें में उन्हें सस्‍पेंड भी कर दिया गया है। बता दें कि वीडियो के वायरल होने पर जयदीपसिंह जडेजा, डीसीपी, क्राइम ब्रांच ने कहा था, 'टिक टोक वीडियो हमारे ध्यान में लाया गया है और उप-निरीक्षक के खिलाफ जांच शुरू की गई है। हम यह भी पता लगाना चाह रहे है कि यह वीडियो कहां शूट किया गया था। पूछताछ के बाद ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।'

वहीं, अन्य अधिकारियों का कहना था कि एसआई के विरुद्ध कार्रवाई जरूरी है, क्योंकि वे वर्दी में थे। बताया गया कि यह वीडियो थाने में ही शूट किया गया है।

बता दें कि हाल ही में एक ऐसा ही मामला सुर्खियों में है। मेहसाणा जिले के लंगनाज पुलिस स्टेशन में लोक रक्षक दल (एलआरडी) में तैनात अर्पिता चौधरी नाम की महिला पुलिसकर्मी का लॉकअप के सामने डांस करते हुए एक वीडियो बनाया था। यह वीडियो महिला पुलिसकर्मी ने सोशल मीडिया पर भी अपलोड कर दिया, जो काफी वायरल हो गया था। इसकी शिकायत जब जिले के बड़े पुलिस अधिकारियों को मिली, तो महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की गई।

डीएसपी मनजीत वनजारा ने बताया, 'अर्पिता चौधरी ने नियमों का तोड़ा है। वीडियो बनाते समय वह ड्यूटी पर यूनिफॉर्म में नहीं थी। इसके साथ ही वह लंगनाज गांव के पुलिस स्टेशन में अपना वीडियो बना रही थी। पुलिस को खुद अनुशासन का पालन करना चाहिए, जिसे उसने नहीं निभाया। इस वजह से उसे निलंबित कर दिया गया।'

हालांकि, आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर लोग पुलिस वालों पर की जा रही कार्रवाई से खुश नहीं है। उनका कहना है कि पुलिस वाले भी इंसान होते हैं, चेतावनी देकर छोड़ देना चाहिए था। सस्पेंड करना उचित कदम नहीं है।

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Posted By: Nitin Arora

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