नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान जोरशोर से चल रहा है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने बताया कि  23 जनवरी तक देशभर में 27,776 सत्रों में कुल 15,37,190 लाभार्थियों को टीका लगाया जा चुका है। मंत्रालय ने बताया कि सात और राज्यों ने अगले हफ्ते से  भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' को अपने यहां टीकाकरण अभियान में इस्तेमाल करने का फैसला किया है। अभी 12 राज्यों में कोवैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है।  

सात और राज्यों में लगाई जाएगी कोवैक्सीन 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अपर सचिव मनोहर अगनानी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि टीकाकरण अभियान के तहत अभी देश के 12 राज्यों में कोवैक्सीन लगाई जा रही है। अगले हफ्ते से इनके अलावा और सात राज्यों में यह वैक्सीन लाभार्थियों को दी जाएगी। इन राज्यों में छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, केरल, मध्य प्रदेश, पंजाब और बंगाल शामिल हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने इन राज्यों के कार्यक्रम प्रबंधकों को इस संबंध में आवश्यक जानकारी और दिशानिर्देश दिए हैं।

शनिवार को 1,46,598 लोगों को लगाया गया टीका 

अगनानी ने बताया कि 23 जनवरी तक देशभर में 27,776 सत्रों में कुल 15,37,190 लाभार्थियों को टीका लगाया जा चुका है। अभियान के आठवें दिन यानी शनिवार को शाम छह बजे तक कुल 1,46,598 लाभार्थियों को टीके लगाए गए, जिनमें से 123 में प्रतिकूल प्रभाव नजर आए हैं। उन्होंने कहा कि टीका लगाए जाने के बाद गंभीर या अत्यधिक गंभीर दुष्प्रभाव का कोई मामला सामने नहीं आया है। 

सबसे ज्यादा 22,063 लाभार्थी गुजरात के 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अवर सचिव अगनानी ने बताया कि इनमें सबसे ज्यादा 22,063 लाभार्थी गुजरात के थे। इसके अलावा शनिवार को वैक्सीन लेने वालों में महाराष्ट्र के 21,751, ओडिशा के 14,892, बिहार के 12,165 और आंध्र प्रदेश में 11,562 लाभार्थी भी शामिल हैं। टीकाकरण अभियान के पहले चरण में तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों और महामारी के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर लड़ रहे योद्धाओं को वैक्सीन दी जानी है।

छह मौतों का टीकाकरण से कोई संबंध नहीं

अगनानी ने बताया कि अभी तक देशभर में टीका लगाए जाने के बाद छह लोगों की जान गई है, लेकिन किसी भी मामले का संबंध टीकाकरण से नहीं है। पिछले 24 घंटे के दौरान गुरुग्राम में एक स्वास्थ्यकर्मी की मौत हुई है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक आया है।

11 लाभार्थियों को अस्पताल में भर्ती कराने की पड़ी जरूरत

अगनानी ने बताया कि टीका लगाए जाने के बाद अभी तक सिर्फ 11 लोगों को ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है। इनमें से भी कई लोगों को अब अस्पताल से छुट्टी भी मिल चुकी है। टीका लेने वाले लाभार्थियों की तुलना में अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों की दर 0.0007 फीसद है।

13 देशों के लोगों को प्रशिक्षण

अगनानी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से 13 देशों के टीकाकरण कार्यक्रम प्रबंधकों को प्रशिक्षण दिया गया। इन देशों में बहरीन, बांग्लादेश, भूटान, ब्राजील, मालदीव, मारीशस, मंगोलिया, मोरक्को, म्यांमार, नेपाल, ओमान, सेशेल्स और श्रीलंका शामिल हैं। दो दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में इन लोगों को टीकाकरण अभियान से जुड़े हर पहलुओं की जानकारी दी गई। ये वो देश हैं जो भारतीय वैक्सीन का इस्तेमाल कर रहे हैं या जल्द ही करने वाले हैं।

दो वैक्‍सीन से हो रहा टीकाकरण 

भारतीय दवा महानियंत्रक (डीसीजीआइ) ने इस महीने के शुरू में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा तैयार की जा रही ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के प्रतिबंधित इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। इसके बाद ही 16 जनवरी को देशभर में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था, जिसमें इन दोनों टीके का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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