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    गुलाब जामुन से अधिक चॉकलेट केक में है कैलोरी, HSR पर सवाल; पीयूष गोयल ने जारी की एसोचैम की रिपोर्ट

    By Jagran NewsEdited By: Anurag Gupta
    Updated: Fri, 14 Apr 2023 11:50 PM (IST)

    रिपोर्ट में कहा गया है कि परंपरागत भारतीय स्नैक्स विदेशी स्नैक्स के मुकाबले स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी है लेकिन प्रस्तावित हेल्थ स्टार रेटिंग (HSR) से परंपरागत भारतीय स्नैक्स का कारोबार प्रभावित हो सकता है। एसोचैम की यह रिपोर्ट केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जारी की।

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    गुलाब जामुन से अधिक चाकलेट केक में है कैलोरी, हेल्थ स्टार रेटिंग पर सवाल

    नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। औद्योगिक संगठन एसोचैम की रिपोर्ट के मुताबिक, एक गुलाब जामुन में चाकलेट केक के मुकाबले कम कैलोरी होती है। वहीं, 100 ग्राम पोहा खाने से 110 कैलोरी मिलती है, जबकि 100 ग्राम वजन वाले वेज बर्गर खाने से 177 कैलोरी मिलती है। 

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    रिपोर्ट में कहा गया है कि परंपरागत भारतीय स्नैक्स विदेशी स्नैक्स के मुकाबले स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी है, लेकिन प्रस्तावित हेल्थ स्टार रेटिंग (HSR) से परंपरागत भारतीय स्नैक्स का कारोबार प्रभावित हो सकता है। शुक्रवार को एसोचैम की यह रिपोर्ट वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जारी की। 

    'परंपरागत खान-पान के संरक्षण की जरूरत'

    रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के परंपरागत खान-पान के संरक्षण की जरूरत है। स्टार रेटिंग से भारतीय परंपरागत स्नैक्स की बिक्री प्रभावित हो सकती है क्योंकि उसमें नकम, चीनी जैसे तत्वों के आधार पर स्टार रेटिंग होंगे। स्टार रेटिंग यह बताएगा कि यह पैक्ड फूड सेहतमंद है या नहीं।

    रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय परंपरागत खान-पान आयुर्वेद के हिसाब से है, जो सेहत के लिए पश्चिमी खान-पान की तुलना में अधिक सेहतमंद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि संगठित भारतीय परंपरागत नमकीन व स्नैक्स का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और वर्ष 2026 तक यह कारोबार 204 अरब रुपए तक पहुंच सकता है, जबकि वर्ष 2022 में परंपरागत नमकीन व स्नैक्स का कारोबार 114 अरब रुपए का था। 

    रिपोर्ट के मुताबिक, एसोचैम की तरफ से खान-पान के प्रति जागरूकता को लेकर 16 शहरों में 5000 उपभोक्ता से सर्वे किया गया। सर्वे में पाया गया कि अधिकतर उपभोक्ता चीनी, नमक व वसा के अधिक इस्तेमाल से वाकिफ थे। सर्वे में कहा गया है कि संगठित रूप से बिकने वाली भारतीय परंपरागत स्नैक्स के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है।