'मेरी कंपनी से बस एक अपील है...' ब्लिंकिट के एंबुलेंस सेवा शुरू करने पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल?
Blinkit 10 minute Ambulance Service क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट ने 10 मिनट में एंबुलेंस पहुंचाने की सर्विस शुरू करने का एलान किया है। इस मामले पर अब केंद्र सरकार की भी प्रतिक्रिया आई है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मामले में कंपनी से अपील की है। गौरतलब है कि इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अलग-अलग राय जाहिर की थी। पढ़ें केंद्र ने इस पर क्या कहा।

एएनआई, नई दिल्ली। क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट ने भारत में एंबुलेंस सेवा शुरू करने का एलान किया है, जिस पर केंद्र सरकार का कहना है कि कंपनी को सुनिश्चित करना होगा कि वे देश के कानून का पालन करें। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि ब्लिंकिट की एम्बुलेंस सेवा के लिए उनका एकमात्र अनुरोध यह है कि कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे देश के कानून का पालन करें।
साथ ही उन्होंने कहा कि अन्य कानूनी आवश्यकताओं का उचित ढंग से ध्यान रखा जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'जहां तक एम्बुलेंस सेवा या दवाओं की डिलीवरी के संबंध में ब्लिंकिट का संबंध है, मेरा एकमात्र अनुरोध यह होगा कि उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे देश के कानून का पालन करें और जो भी अन्य कानूनी आवश्यकताएं हैं, उनका उचित ढंग से ध्यान रखा जाना चाहिए। देश के किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए।'
10 मिनट में एंबुलेंस पहुंचने का दावा
गौरतलब है कि ब्लिंकिट ने गुरुवार को एलान किया था कि वह एंबुलेंस सेवा शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत मरीजों को 10 मिनट के अंदर एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी। ब्लिंकिट के संस्थापक और सीईओ अलबिंदर ढींडसा ने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से घोषणा की कि गुरूवार से गुरुग्राम में पहली पांच एम्बुलेंस सड़कों पर उतर रही हैं। सीईओ ने कल कहा कि उनका लक्ष्य भारतीय शहरों में त्वरित और विश्वसनीय एम्बुलेंस सेवा प्रदान करने की समस्या को हल करना है।
ढींडसा के अनुसार, ब्लिंकिट एम्बुलेंस आवश्यक जीवन रक्षक उपकरणों से सुसज्जित हैं, जिनमें ऑक्सीजन सिलेंडर, एईडी (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर), स्ट्रेचर, मॉनिटर, सक्शन मशीन और आवश्यक आपातकालीन दवाएं और इंजेक्शन शामिल हैं। प्रत्येक एम्बुलेंस में एक पैरामेडिक, एक सहायक और एक प्रशिक्षित चालक होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करने में सक्षम हैं।
कहा- लाभ कमाना लक्ष्य नहीं
स्टार्टअप संस्थापक ने कहा, 'यहां लाभ कमाना लक्ष्य नहीं है। हम ग्राहकों के लिए सस्ती कीमत पर इस सेवा का संचालन करेंगे और लंबे समय के लिए इस गंभीर समस्या को वास्तव में हल करने में निवेश करेंगे।' ब्लिंकिट का लक्ष्य अगले दो वर्षों में सभी प्रमुख शहरों में विस्तार करना है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग ब्लिंकिट के इस फैसले पर बंटे नजर आए। जहां कई लोगों ने कंपनी के फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि इससे मरीजों को त्वरित इलाज मिल सकेगा तो वहीं कुछ लोगों ने इस पर चिंता भी जाहिर की। लोगों का कहना था कि अगर मूलभूत आवश्यकताएं भी प्राइवेट कंपनियां पूरी करने लगेंगी तो भविष्य में यह उपभोक्ताओं के शोषण का जरिया भी बन सकता है। इस बीच सरकार की इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया काफी अहम मानी जा रही है।
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