Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    केन्द्रीय मंत्री जोशी ने MUDA घोटाले में सिद्दारमैया से की इस्तीफे की मांग, कहा- शक की सुई CM के परिवार पर

    Updated: Thu, 25 Jul 2024 02:56 PM (IST)

    केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एमयूडीए घोटाले के संबंध में कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री सिद्दारमैया के इस्तीफे की मांग की। जोशी ने आज संसद से बाहर मीडिया के साथ बातचीत में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सीधे तौर पर घोटाले में शामिल हैं। उन्‍होंने मांग की कि इस मामले को सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। जोशी ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने एससी/एसटी फंड का दुरुपयोग किया है।

    Hero Image
    केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर एमयूडीए घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है।

    एएनआई, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कर्नाटक सरकार और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर आरोप लगाया कि वे फंड का दुरुपयोग कर रहे हैं और विभिन्न घोटालों में शामिल हैं। जोशी ने सीएम के इस्तीफे और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की भाजपा की मांग को भी दोहराया। प्रहलाद जोशी ने गुरुवार को एएनआई से बात करते हुए कहा, "कर्नाटक सरकार ने एससी/एसटी फंड का दुरुपयोग किया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    सिद्दारमैया ने ईडी के खिलाफ दर्ज की शिकायत

    उन्होंने कहा, "योजना के तहत 189 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाने थे, लेकिन उसमें से 89 करोड़ रुपये पहले ही ट्रांसफर कर दिए गए। यह बहुत बड़ा घोटाला था। एसआईटी का गठन किया गया और बहुत दबाव के बाद इस्तीफा देने वाले आरोपी मंत्रियों की जांच नहीं की गई। जब ईडी ने मामले को अपने हाथ में लिया, तो उन्होंने ईडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।"

    'पत्नी को 14 कीमतें जगहें दी गईं'

    केंद्रीय मंत्री ने कर्नाटक में वाल्मीकि बोर्ड घोटाले में मुख्यमंत्री की संलिप्तता का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "एमयूडीए घोटाले में उनकी पत्नी के नाम पर 14 सबसे कीमती जगहें आवंटित की गई हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में है। 2013 में उन्होंने अपने हलफनामे में इस जमीन के बारे में कुछ भी नहीं बताया था। 2018 में उन्होंने इसकी कीमत 25 लाख रुपये बताई थी। 2023 में उन्होंने हलफनामा दाखिल कर इसकी कीमत 25 करोड़ रुपये बताई।"

    उन्होंने कहा, "हमने सीएम से पद छोड़ने और पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है।" मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा विधायकों ने बुधवार को बेंगलुरु के विधान सौध में राज्य सरकार के खिलाफ रात भर धरना दिया। विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार चल रही जांच में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती।

    घोटाले के आरोपों पर शिवकुमार का पलटवार

    डीके शिवकुमार ने गुरुवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "भाजपा शासन में बहुत सारे घोटाले हुए हैं और उनकी जांच चल रही है। हम विधानसभा में जवाब देना चाहते थे और वे हमें रोकना चाहते थे। लेकिन सीएम ने अपने लिखित भाषण में घोटालों की संख्या और उनके होने के तरीके पर विस्तृत जवाब दिया। एसआईटी पहले से ही जांच कर रही थी और अब ईडी और सीबीआई ने भी जांच शुरू कर दी है। हम जांच में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं।"

    उच्च शिक्षा मंत्री एमसी सुधाकर ने गुरुवार को कहा कि भाजपा अपने कार्यकाल के दौरान हुई घटनाओं को अनावश्यक रूप से मुद्दा बना रही है और यह पूरी तरह से लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए उनके द्वारा खेला गया एक राजनीतिक नाटक है। सुधाकर ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) घोटाले पर सीएम के इस्तीफे की भाजपा की मांग को खारिज करते हुए इसे हास्यास्पद बताया।