नए अंदाज में डिजिटल प्रशासन, आसान भाषा में सभी सूचना से लैस होगी सरकारी वेबसाइट
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) सरकारी वेबसाइटों और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर एकरूपता लाने के अपने प्रयासों के अंतर्गत कल डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल (डीबीआईएम) जारी करने वाला है। डीबीआईएम एक सुसंगत डिजिटल पहचान के प्रमुख तत्वों को परिभाषित करता है जिसमें लोगो रंग पैलेट टाइपोग्राफी और इमेजरी जैसी दृश्य पहचान के साथ-साथ ब्रांड वॉयस मैसेजिंग फ्रेमवर्क और टैगलाइन जैसी वर्बल आइडेंटिटी शामिल हैं।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश की जनता के बीच बढ़ रही डिजिटल पैठ को ध्यान में रखते हुए सरकार अब डिजिटल प्रशासन का चेहरा भी बदलने जा रही है। सरकार के सभी विभागों की वेबसाइट से लेकर इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म व अन्य एप अब एक अंदाज में दिखेंगे, जहां जनता आसानी से सभी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर सकेंगी।
डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल तैयार
इलेक्ट्रॉनिक्स व आइटी मंत्रालय ने सभी सरकारी वेबसाइट में एकरूपता और उन्हें समान स्तरीय बनाने के लिए डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल तैयार किया है। मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक्स व आइटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने इसे लांच किया।
आइटी मंत्रालय के साथ पांच मंत्रालय की वेबसाइट भी अब नए मैनुअल के हिसाब से लांच की गई है। बाकी सभी मंत्रालय की वेबसाइट को बदलने का काम किया जा रहा है। डिजिटल प्रशासन की सुरक्षा एवं अन्य निगरानी के लिए सभी विभागों में संयुक्त सचिव स्तर के एक मुख्य सूचना अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
इस अवसर पर प्रसाद ने कहा कि वेबसाइट में सिर्फ एकरूपता और उन्हें एक स्तर का बनाना हमारा उद्देश्य नहीं है, असल उद्देश्य है कि सरकारी जानकारी लोगों तक सरल तरीके से पहुंच सके।
लोगों को सरकारी सेवाओं का बेहतर अनुभव होगा
सरकार के नियम, स्कीम, विभिन्न प्रकार की योजना, रोजाना हो रहे बदलाव जैसी हर छोटी-छोटी चीजों की जानकारी सभी को मिल सके। इससे नागरिक सरकारी सेवाओं का और अधिक आसान एवं प्रभावी तरीके से उपयोग कर सकेंगे। लोगों को सरकारी सेवाओं की विश्वसनीयता और गुणवत्ता का बेहतर अनुभव होगा।
इस मौके पर इलेक्ट्रॉनिक्स व आइटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि वर्तमान में जीडीपी में डिजिटल अर्थव्यवस्था का योगदान 13 प्रतिशत है जो इस दशक के अंत तक 20 प्रतिशत तक चला जाएगा। डिजिटल प्रभाव बढ़ता जा रहा है, इसलिए सभी सरकारी वेबसाइट में लोगों को एक समान अनुभव दिलाने के साथ उनकी भाषा में चीजों को उनके समक्ष रखने की जरूरत है।
नई तकनीक के साथ सरकारी विभागों की मदद करनी होगी
उन्होंने इस काम में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) को विभागों की मदद करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि एनआइसी को अपनी उपयोगिता बरकरार रखने के लिए उन्हें प्रतिस्पर्धा का मुकाबला करते हुए नई तकनीक के साथ सरकारी विभागों की मदद करनी होगी।
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