नई दिल्ली, पीटीआइ/जेएनएन। देश में 31 मई के बाद लॉकडाउन जारी रखने के मुद्दे पर केंद्र सरकार अपनी भूमिका सीमित कर पाबंदियों में ढील देने या सख्ती करने का मामला राज्यों के हवाले कर सकती है। राज्यों के मुख्यमंत्रियों से हुई चर्चा के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात में गृहमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के विचारों और सुझावों से प्रधानमंत्री को अवगत कराया। एक-दो दिन में अगले चरण के बारे में घोषणा हो सकती है। उधर गृहमंत्री से चर्चा करने वाले गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने 15 दिन तक लॉकडाउन बढ़ाए जाने का संकेत दिया है।

राज्‍यों को मिलेंगे ज्‍यादा अधिकार 

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि अगले चरण में केंद्र अपनी भूमिका सीमित कर पाबंदियों में ढील देने या सख्ती बढ़ाने का मामला राज्यों के हवाले करने पर विचार कर रहा है। हालांकि महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब और ओडिशा में कोरोना से बुरी प्रभावित 30 नगरीय क्षेत्रों के लिए केंद्र राज्यों को पहले से चली आ रही पाबंदियां बरकरार रखने की सलाह देगा। देश में कोरोना के 80 फीसद मामले इन्हीं नगरीय क्षेत्रों में हैं। इन 30 नगरीय क्षेत्रों में दिल्ली मुंबई, कोलकाता व चेन्नई समेत 13 शहरों की स्थिति और भी गड़बड़ है। इनके शहरों के डीएम और नगर प्रशासकों के साथ कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने आनलाइन बैठक कर स्थिति का जायजा लिया है।

अपनी भूमिका सीम‍ित करेगा केंद्र 

लॉकडाउन के अगले चरण में केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, राजनीतिक कार्यक्रमों और सिनेमा हाल, मॉल आदि पर रोक तक अपनी भूमिका सीमित रखेगी। सार्वजनिक स्थलों पर मास्क लगाने के साथ शारीरिक दूरी का नियम सख्ती से लागू होगा। बाकी मामलों में राज्यों को खुद निर्णय लेना होगा। मेट्रो चलाने और स्कूल-कालेज खोलने जैसे मामलों में भी राज्यों को ही निर्णय लेना होगा। राज्य धर्मस्थलों को खोलने के बारे में भी निर्णय ले सकते हैं। लॉकडाउन के तौर-तरीकों पर अब हर पखवारे समीक्षा होगी जहां राज्यों को अपने अधिकार क्षेत्र में उठाए गए कदमों के बारे में बताना होगा।

मुख्‍यमंत्रियों की चिंताओं से अवगत हुए शाह 

कोरोना की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 24 मार्च को 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। फिर इसे पहले 3 मई तक और फिर 17 मई तक और बाद में 31 मई तक बढ़ा दिया गया। हालांकि कोरोना के काबू में न आने पर एक बार फिर लॉकडाउन के आसार बन रहे हैं। इस संदर्भ में राज्यों की राय जानने के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को मुख्यमंत्रियों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। सूत्रों के अनुसार शाह ने मुख्यमंत्रियों से जानना चाहा कि उनकी चिंताएं क्या हैं, और वे पहली जून से अपने राज्यों में किन क्षेत्रों में रियायतें दे सकते हैं।

इस बार शाह ने संभाली कमान 

खास बात यह है कि लॉकडाउन बढ़ाने के मुद्दे पर अब तक प्रधानमंत्री खुद मुख्यमंत्रियों से बातचीत करते रहे हैं जबकि इस बार गृहमंत्री ने चर्चा की। पीएम व सीएम की पूर्व में हुई चर्चाओं के बीच गृहमंत्री भी हमेशा मौजूद रहे। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ऐसा समझा जा रहा है ज्यादातर मुख्यमंत्री लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में हैं। हालांकि अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए वे कुछ और क्षेत्रों में ढील दिए जाने के पक्ष में भी हैं ताकि धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य हो सके। उम्मीद है केंद्र की ओर से लॉकडाउन के अगले चरण के बारे में एक दो दिन में घोषणा हो जाएगी।

इन मामलों में राज्य लेंगे निर्णय

- कर्नाटक व बंगाल में पहली जून से धर्मस्थल खुलने से अन्य राज्य भी इस दिशा में फैसला ले सकते हैं

- मेट्रो चलाने और स्कूल-कालेज खोलने पर राज्यों को निर्णय लेने का मिल सकता है अधिकार

- कोरोना से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में 30 नगरीय क्षेत्रों में पाबंदियां सख्ती से लागू रहेंगी

- बाजार-दुकानें खोलने के मामले में और रियायतें मिल सकती है। दुकानें देर तक खोलने की मिल सकती छूट

- घरेलू विमान सेवाओं के फेरे बढ़ाने, अंतरराज्यीय बस सेवा व आटो-टैक्सी परिचालन में भी और रियायतें संभव

- अब हर पखवारे होगी लॉकडाउन के उपायों की समीक्षा, राज्यों को रखनी होगी अपनी बात

क्या-क्या मिल सकती हैं रियायतें

गृहमंत्री अमित शाह के साथ चर्चा में कई मुख्यमंत्रियों द्वारा सहमति जताए जाने के बाद लॉकडाउन के अगले चरण की संभावना बढ़ गई है। हालांकि सरकार की मंशा है कि इस दौरान आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी हो और आम लोगों को भी कुछ रियायतें मिल जाएं। हालांकि कुछ मामलों में पूर्व की भांति सख्ती रहेगी।

धर्मस्थलों को खोले जाने की उम्‍मीद 

कर्नाटक और बंगाल की सरकार द्वारा पहली जून से मंदिर मस्जिद समेत सभी पूजा स्थलों को खोलने की इजाजत देने से समझा जा रहा है कि अन्य राज्यों में भी शारीरिक दूरी और अन्य सुरक्षा उपायों के साथ धर्मस्थलों को खोलने की इजाजत मिल जाए।

विमान सेवाएं पर नजरें 

अगले पखवारे कई अन्य शहरों से भी विमान सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार मेट्रो शहरों के मुकाबले नान मेट्रो शहरों में विमान सेवा की ज्यादा मांग है।

रेल सेवाओं से सहूलियत 

रेलवे द्वारा पहली जून से चलाई जा रही 100 जोड़ी ट्रेनों से जनजीवन पटरी पर आने में काफी मदद मिलने वाली है। लंबे समय से वीरान पड़े बीच के स्टेशनों पर रौनक दिखाई देगी। रेलवे ने हालांकि यात्रियों और अपने स्टाफ की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध किए हैं।

बस सेवाएं शुरू होने की उम्‍मीद 

कुछ राज्यों में अंतरराज्यीय बस सेवाओं के पहले से शुरू होने से इस बात की काफी संभावना है कि अन्य राज्य भी इस दिशा में कोई पहल कर सकते हैं।

मॉल, सिनेमा हाल, होटल, रेस्टोरेंट स्वीमिंग पूल 

लॉकडाउन के संभावित अगले चरण में मॉल, सिनेमाहाल, होटल रेस्टोरेंट, फन पार्क और स्वीमिंग पूल आदि को खोले जाने की संभावना बिल्कुल नहीं दिख रही है। रेस्टोरेंट से खाना पैक करा कर ले जाने की छूट पहले ही दी जा चुकी है लेकिन वहां बैठकर खाने-पीने की छूट नहीं मिलने वाली।

बाजार-दुकानें खोलने में ढील संभव 

जरूरी सामान की दुकानों को पहले ही छूट दिए जाने के बाद समझा जा रहा है कि अगले चरण में बाजार और दुकानें खोलने में कुछ और ढिलाई दी जाए। इस चरण में दुकानें देर तक खोलने की भी इजाजत मिल सकती है।

नहीं खुलेंगे स्कूल-कालेज

लॉकडाउन के इस चरण में स्कूल कालेज खुलने की फिलहाल कोई संभावना नहीं है। मानव संसाधन मंत्रालय इस दिशा में रास्ता तलाश रहा है। स्कूल-कालेज जब भी खुलेंगे पहले बड़ी कक्षाओं को ही पूरे सुरक्षा बंदोबस्त के साथ इजाजत दी जाएगी। सीबीएसई की परीक्षाएं पहली जुलाई से होनी हैं। इसके लिए सभी को मास्क पहनने और उचित शारीरिक दूरी के नियम के पालन की हिदायत दी गई है।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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