नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को कहा कि नया भारत स्वास्थ्य क्षेत्र के किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है। स्वास्थ्य नीति और बुनियादी ढांचे पर चर्चा को राजनीति से दूर रखने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने जनता के हित में पूरे मामले में समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया। मांडविया पब्लिक अफेयर फोरम आफ इंडिया (पीएएफआइ) के नौवें वार्षिक फोरम 2022 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत ही समृद्ध भारत बनेगा।

नया भारत एक सशक्त राष्ट्र

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत एक सशक्त राष्ट्र है और किसी भी संकट का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की सक्रिय योजना से फर्क पड़ा है। निजी मेडिकल कालेजों के साथ सरकारी अस्पतालों को जोड़ने के सार्वजनिक-निजी भागीदारिता (पीपीपी) माडल से पूरे देश में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा है। देश में 22 एम्स खोलने की योजना है।

कोरोना से बेहतर तरीके से निपटे

कोरोना महामारी से बेहतर तरीके से निपटने में भारत की सक्षमता का विवरण देते हुए मांडविया ने कहा कि वायरस के भारत पहुंचने से पहले ही उसे समझने की कोशिशें शुरू हो गई थीं। उसी के अनुसार योजनाएं बनाई गईं और तैयारियां की गईं।

सरकार को लोगों के स्वास्थ्य की चिंता

देश में जीडीपी के अनुपात में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर खर्च में गिरावट के बारे में उन्होंने कहा कि हर देश का अपने लोगों के हिसाब से अलग माडल होता है। दूसरे देशों के मुकाबले भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च कम है। इसके बावजूद सरकार अपने लोगों के स्वास्थ्य को लेकर ¨चतित है और उसने हर जिले के लिए अगले पांच वर्ष के दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में दो माडल पर काम

पीपीपी माडल के बारे में मांडविया ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए दो माडल पर काम कर रही है। पहले माडल में 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए निश्चय मित्र योजना शुरू की गई है। दूसरे माडल में आयुष्मान भारत योजना को 24 हजार से अधिक निजी अस्पतालों तक विस्तारित किया गया है। इससे निजी अस्पतालों को व्यवसाय मिल रहा है और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं।  

Edited By: Krishna Bihari Singh