नई दिल्ली, जेएनएन। कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान में भारत अगले हफ्ते 100 करोड़ टीके लगा देगा। अभी टीकाकरण की जो रफ्तार है उससे गुरुवार तक भारत इस आंकड़े को हासिल कर लेगा। अगर हम भारत के अब तक टीकाकरण अभियान पर नजर डालें तो यह उपलब्धि असाधारण लगती है। एक ऐसे देश में जहां कोरोना महामारी के फैलने तक वैक्सीन की दूर-दूर कोई संभावना नजर नहीं आ रही थी, वहां एक साल में टीके बनाकर एक अरब डोज लगा देना आसान काम नहीं है।

अब तक 97.52 करोड़ डोज लगाए गए

कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान में भारत ने शनिवार रात आठ बजे तक 97.52 करोड़ डोज लगाए गए है, जिनमें 69.50 करोड़ पहली और 28 करोड़ दूसरी डोज शामिल हैं। भारत में अभी 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं और इनकी जनसंख्या करीब 94 लाख है। इस तरह अभी तक करीब 70 प्रतिशत लोगों को पहली और लगभग 30 प्रतिशत लोगों को दोनों डोज लगाई जा चुकी हैं।

अगले हफ्ते इतिहास रचने की तैयारी

टीकाकरण को लेकर समाज के कुछ खास तबके में जारी भ्रम को दूर करने के लिए एक कोविड-गान को जारी करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को कहा, 'हमने 17 सितंबर को एक दिन में 2.5 करोड़ डोज लगाईं और अगले हफ्ते हम 100 करोड़ डोज के आंकड़ें तक पहुंच जाएंगे।'

टीका विकसित करने में लगते हैं वर्षों

मांडविया ने कहा कि किसी टीके को विकसित करने में आमतौर पर पांच से 10 साल का समय लगता है। परंतु, भारत ने न सिर्फ अतिशीघ्र कोरोना वायरस के खिलाफ स्वदेशी वैक्सीन विकसित की, बल्कि इसके लिए कच्ची सामग्री से लेकर कंपनी से लेकर टीका केंद्रों तक पहुंचाने की तत्काल व्यवस्था भी की।

कोविड-गान को कैलाश खेर की आवाज

कोविड-गान को जाने माने गायक कैलाश खेर ने लिखा भी है और उसे आवाज भी दी है। इसे टीका गान भी कहा जा रहा है, जिसे फेडरेशन आफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज (एफआइपीआइ) ने प्रायोजित किया है। जन अभियान बना टीकाकरण गाना जारी किए जाने के समय केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद थे।

विपक्ष पर साधा निशाना

हरदीप सिंह पुरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में कुछ लोगों द्वारा भ्रामक और गलत खबरें प्रसारित किए जाने के बाद भी टीकाकरण अब जन अभियान बन गया है। विपक्षी दलों द्वारा टीकाकरण को लेकर सरकार के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार पर पुरी ने कहा कि सरकार किसी की दुश्मन नहीं है, वायरस दुश्मन है।

16 जनवरी से शुरू हुआ टीके का सफर

ज्यादा नहीं एक साल पीछे मुड़कर देखते हैं तो 100 करोड़ टीके की यह उपलब्धि बहुत बड़ी लगती है। दुनिया में ही नहीं अपने देश में भी टीकाकरण को लेकर तमाम आशंकाएं जताई गई थीं। भारत ने 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू किया तो टीके की कमी को लेकर सवाल उठाए गए। सरकार के ठोस और गंभीर प्रयासों से धीरे-धीरे सारी आशंकाएं और सवाल दूर होते गए और देश टीकाकरण की दिशा में नित नए सोपान चढ़ता गया।