नई दिल्‍ली, एएनआइ। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आए दिन बढ़ोतरी देखी जा रही है। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक देश में ईंधन की बढ़ती कीमतों में तुरंत कमी नहीं आने की उम्‍मीद नहीं नजर आ रही है। सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि तेल की आपूर्ति और मांग के मसले पर केंद्र सरकार कई तेल निर्यातक देशों के साथ बातचीत कर रही है लेकिन कीमतों में तत्काल राहत की कोई संभावना नहीं है। 

सूत्र ने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में प्रमुख तेल उत्पादक देशों के साथ तेल की कीमतों, आपूर्ति और मांग के मामले में चिंता जताई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने सऊदी अरब, कुवैत, यूएई, रूस और अन्य जैसे कई देशों के ऊर्जा मंत्रालयों को बैठक के लिए बुलाया है। हालांकि प्राकृतिक तेल पर टैक्स कम करने के मसले पर केंद्र और राज्यों के बीच गतिरोध बरकरार है।

गौरतलब है कि रविवार को लगातार चौथे दिन देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि जारी रही। पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं क्योंकि रविवार को लगातार चौथे दिन देश भर में ईंधन की कीमतों में 35 पैसे / लीटर की वृद्धि जारी रही। नवीनतम बढ़ोतरी के साथ दिल्‍ली में पेट्रोल की कीमत 105.84 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल की कीमत 94.57 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। सूत्र ने बताया कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के मसले पर वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत चल रही है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि पेट्रोल और डीजल की खपत कोरोना काल की तुलना में बढ़ी है। सरकार मूल्य स्थिरता की दिशा में काम कर रही है। वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों के दाम इस कदर बढ़ा दिए गए हैं कि आम आदमी का सफर मुश्किल हो गया है।