Unacademy Controversy: अनएकेडमी ने टीचर की बर्खास्तगी पर दी सफाई, बताया क्यों उठाया ये कदम
Unacademy Controversy टीचर को हटाना अनएकेडमी को भारी पड़ गया। जिसके बाद अब कंपनी के सह-संस्थापक रोमन सैनी सफाई देने सामने आए हैं। रोमन सैनी ने कहा कि करण सांगवान को नियमों के उल्लंघन के कारण निकाल दिया गया था क्योंकि कक्षा व्यक्तिगत राय साझा करने की जगह नहीं थी। टीचर ने बच्चों से पढ़े लिखे उम्मीदवार को वोट करने को कहा था। फोटो- यूट्यूब/लीगल पाठशाला
नई दिल्ली, एजेंसी। Unacademy Controversy टीचिंग प्लेटफॉर्म Unacademy को अपने एक टीचर को निकालना भारी पड़ गया है। टीचर को हटाने के बाद अनएकेडमी के खिलाफ अब सोशल मीडिया पर मुहिम तक छिड़ गई। सोशल मीडिया पर इसका विरोध होने के बाद अब कंपनी के सह-संस्थापक रोमन सैनी सफाई देने सामने आए हैं।
दरअसल, एक ऑनलाइन सेशन में करण सांगवान नाम के टीचर ने किसी का नाम लिए बिना, अपने छात्रों को अशिक्षित लोगों को वोट न करने के लिए प्रोत्साहित किया था। सांगवान ने कहा था कि सभी को पढ़े लिखे लोंगों को ही वोट करना चाहिए।
रोमन सैनी ने दी सफाई
कंपनी के सह-संस्थापक रोमन सैनी ने कहा कि करण सांगवान को "नियमों के उल्लंघन" के कारण निकाल दिया गया था, क्योंकि कक्षा व्यक्तिगत राय साझा करने की जगह नहीं थी।
उन्होंने कहा,
हम एक शिक्षा मंच हैं जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसा करने के लिए हमने अपने सभी शिक्षकों के लिए एक सख्त आचार संहिता लागू की है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हमारे शिक्षार्थियों को निष्पक्ष ज्ञान प्राप्त हो।
टीचर को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा
सैनी ने आगे कहा कि उन्हें टीचर को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि हम जो कुछ भी करते हैं उसके केंद्र में हमारे छात्र होते हैं। कक्षा व्यक्तिगत राय और विचार साझा करने की जगह नहीं है क्योंकि वे उन्हें गलत तरीके से प्रभावित कर सकते हैं।
अनएकेडमी ऐप को अनइंस्टॉल करने की मुहिम
टीचर को हटाने की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हुई है और हजारों यूजर्स ने अनएकेडमी ऐप को अनइंस्टॉल करने का दावा किया है। इसके साथ ही #UninstallUnacademy भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्रेंड कर रहा है।
केजरीवाल ने भी की आलोचना
इस कदम की दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आलोचना की। उन्होंने Unacademy के फैसले के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया। केजरीवाल ने कहा,
क्या पढ़े-लिखे लोगों को वोट देने की अपील करना अपराध है? अगर कोई अनपढ़ है तो मैं व्यक्तिगत रूप से उसका सम्मान करता हूं। लेकिन जन प्रतिनिधि अनपढ़ नहीं हो सकते। यह विज्ञान और तकनीक का युग है। अनपढ़ जन प्रतिनिधि कभी भी आधुनिक भारत का निर्माण नहीं कर सकते।
टीचर ने कही ये बात
अपने यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए एक नए वीडियो में, ट्यूटर ने कहा कि वह कल अपने यूट्यूब चैनल पर घटना के बारे में विवरण साझा करेंगे।
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